केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दिल्ली के पुलिस थानों में आने वाले लोगों को चाय पिलाने की व्यवस्था होनी चाहिए। इसका खर्च सरकार वहन करेगी। इससे पुलिस के प्रति लोगों की सोच बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी की दो मीठी बातों से शिकायतकर्ता का दुख वैसे ही आधा हो जाता है। सिंह ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस की ‘रफ्तार’ मोटरसाइकिलों को पुलिस के बेड़े में शामिल करते हुए ये बातें कहीं। इस मौके पर पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक सहित अन्य सभी आला अधिकारी मौजूद थे। सिंह ने कहा कि दिल्ली पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए लगातार नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके कारण इसकी गिनती देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस में होती है। इसलिए दिल्ली पुलिस को कुछ ऐसा करना होगा ताकि अन्य राज्यों की पुलिस इसे अपना रोल मॉडल मानें। इसके लिए यह भी जरूरी है कि थाने आने वाले शिकायतकर्ताओं से पुलिस अच्छे से पेश आया। ऐसा करने से पुलिस की छवि बेहतर होगी।
मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने 300 रफ्तार मोटरसाइकिल का काफिला सड़कों पर उतारा गया। इस मोटरसाइकिल पर सवार पुलिसकर्मी भीड़भाड़ वाले इलाके में तुरंत पहुंचकर कार्रवाई शुरू करेंगे। सिंह ने कहा कि दिल्ली की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस का अहम भूमिका है। फिलहाल 300 मोटरसाइकिल की शुरुआत की गई है। आने वाले दिनों में इसकी संख्या एक हजार तक करने की योजना है। इस पीसीआर मोटरसाइकिल पर तैनात कर्मी बॉडी वार्म कैमरे, वॉकी-टॉकी, जीपीआरएस व अलार्म से लैस होंगे। गृहमंत्री ने कहा कि दिल्ली पुलिस में कर्मियों की कमी के मद्देनजर नए पद सृजित किए जा रहे हैं। तीन हजार पद स्वीकृति किए जा चुके हैं। यही नहीं 12 हजार नए कर्मियों की बहाली भी जल्द की जाएगी। इस मौके पर उपराज्यपाल अनिल बैजल ने भी पुलिस की इलाके में दृश्यता और बेहतर कार्रवाई पर जोर दिया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में हरेक थाने में एक-एक मोटरसाइकिल पीसीआर मौजूद है और नई मोटरसाइकिल के जुड़ने से हर थाने में इसकी संख्या दो से तीन हो जाएगी। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रशिक्षित युवतियों और महिलाओं ने मार्शल आर्ट का प्रदर्शन भी कराया। वहीं, गृहमंत्री और पुलिस आयुक्त ने बहादुर महिलाओं और उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया।
