केंदीय्र गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में निवेशकों के सम्मेलन से पलायन रुकेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से पलायन करने वाले राज्य में होने वाले पूंजी निवेश के चलते वापस लौटेंगे। उन्होंने उत्तराखंड में आयोजित निवेशकों के पहले सम्मेलन को सफल बताते हुए कहा कि यह सम्मेलन ऐतिहासिक रहा क्योंकि छह सौ से ज्यादा निवेशकों ने एक लाख बीस करोड़ रुपए एमओयू साइन किए। राजनाथ सिंह सोमवार देहरादून में निवेशकों के पहले सम्मेलन के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की कोई चुनौती नहीं है। राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए उद्योगपतियों के लिए अनूकूल वातावरण है। यहां कौशल मानव संसाधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले सालों में उत्तराखंड आर्थिक रूप से तेजी से तरक्की करेगा। गृहमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के लोग बहुत अच्छे हैं और बड़े मन के हैं।
देवभूमि उत्तराखंड को वीर भूमि की संज्ञा देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए उत्तराखंड के जवान सबसे ज्यादा शहीद होते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसलिए उत्तराखंड सरकार को केवल पर्यटन के क्षेत्र में ही ज्यादा ध्यान देना चाहिए। राज्य में हर साल एक करोड़ पर्यटक आते हैं। इनकी तादाद चार-पांच गुना बढ़ाने के लिए पर्यटन के क्षेत्र में एक कारगर नीति बनाने की जरूरत है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जीएसटी को भारत के लिए एक वरदान बताते हुए कहा कि आने वाले समय में जीएसटी देश के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि भारत पूरे विश्व में तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। पिछले चार सालों में हमारी केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में जो कड़े कदम उठाए हैं, उससे देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक गति मिली है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूंजी निवेश की अत्यधिक संभावनाएं बढ़ी हैं। निजी क्षेत्र को भी स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरे देश में डेढ़ लाख स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे।
उन्होंने उत्तराखंड सरकार को सलाह दी कि वह स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र पर भी अधिक से अधिक ध्यान दे। उत्तराखंड का प्राकृतिक वातावरण मेडिकल टूरिज्म के लिए बहुत उपयुक्त स्थल है। प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेदिक चिकित्सा तथा योग के क्षेत्र में उत्तराखंड में निवेश की अत्यधिक संभावनाएं हैं। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि पूंजी निवेशकों को सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदान करने की सुविधा भी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अत्यधिक सरल बना दी है। देश में निवेश करने वालों को 60 दिन के भीतर सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि 18 साल पहले केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने तीन राज्यों उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ का गठन किया था। तीनों राज्यों ने तेजी के साथ तरक्की की है। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के पहले निवेशक सम्मेलन के उत्साहवर्धन परिणाम देखने को मिले हैं। अब तक 601 निवेशकों ने एक लाख बीस करोड के एमओयू साइन किए हैं, जो राज्य के औद्यागिक विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और 2025 में उत्तराखंड राज्य आर्थिक रूप से एक मजबूत राज्य बनकर उभरेगा।
वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के दुर्गम स्थानों में कुटीर उद्योग बड़ी तादाद में लगाए जाएंगे। इससे पलायन रुकेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को हैली टूरिज्म के रूप में भी विकसित किया जाएगा। सोमवार केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा को हरी झंडी दिखाई। अब पिथौरागढ़-देहरादून के लिए नियमित हवाई सेवा शुरू हो गई है। पंत ने बताया कि उत्तराखंड के अन्य पर्वतीय जिलों में भी जल्द ही हवाई सेवा शुरू की जाएगी और देहरादून से पंतनगर के लिए भी नियमित उड़ान सेवा शुरू की जा रही है। इस अवसर पर सिडकुल की प्रबंध निदेशक सौजन्या ने अतिथियों का आभार जताया।

