जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बाहरी इलाके मुजगुंड में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में रविवार को लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकी मारे गए, इनमें दो किशोर थे। इस अभियान में पांच सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। सुरक्षाबलों की ओर से शनिवार को आतंकवादियों की तलाशी के लिए शुरू किए गए अभियान के दौरान हुई मुठभेड़ 18 घंटे तक चली। मारे गए आतंकियों में एक की उम्र 15 और दूसरे की उम्र 17 साल थी। एक आतंकी पाकिस्तानी था। मौके से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ के दौरान तीन नागरिक भी घायल हुए। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर शनिवार को लालचौक से 15 किलोमीटर दूर बांदीपोरा मार्ग पर मुजगुंड इलाके में खोजी अभियान चलाया था, लेकिन आतंकियों द्वारा खोजी टीम पर हमला करने के बाद यह अभियान मुठभेड़ में बदल गया। प्रवक्ता ने बताया कि गोलीबारी में तीन आतंकी मारे गए, जिनके शव मुठभेड़ स्थल पर पाए गए हैं। मुठभेड़ रविवार सुबह खत्म हुई।
इस अभियान में सेना की पांच राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ की क्यूएटी और पुलिस की एसओजी ने अभियान चलाया। आतंकी मौके से भाग न निकलें, इसके लिए फ्लडलाइट लगाई गई। पूरे इलाके को घेरकर रखा गया। हालांकि, मुठभेड़ शुरू होते ही इलाके में हिंसा भड़क उठी। आस-पास के इलाकों के लोगों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा बलों पर पथराव किया। इन्हें खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। एहतियातन इलाके में मोबाइल व इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। गोलीबारी में पांच सुरक्षाकर्मी और तीन नागरिक घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जिनकी हालत स्थिर बताई गई है।
मुठभेड़ में आतंकी ठिकाना बने मकान को ध्वस्त कर दिया गया। मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाकर्मियों पर ग्रेनेड फेंके। इसमें सीआरपीएफ और सेना के एक-एक व राज्य पुलिस के दो जवान जख्मी हो गए। दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने का बंदोबस्त करते हुए अन्य जवानों ने जवाबी फायर किया। करीब एक घंटे बाद सुरक्षाबलों को पहला आतंकी मार गिराने में सफलता मिली।
मौके पर एक-दो आतंकी और छिपे होने की आशंका के मद्देनजर इसलिए मुठभेड़ खत्म होने के बाद भी घटनास्थल की घेरेबंदी जारी रखी गई। मुठभेड़ में नष्ट हुए आतंकी ठिकाने से तीन आतंकियों के शव बरामद किए गए। मारे गए आतंकियों में एक पाकिस्तानी आतंकी अली भाई था, जो पिछले एक साल से उत्तरी कश्मीर में सक्रिय था। दूसरा आतंकी बांदीपोरा के हाजिन का रहने वाला मुदस्सर अहमद था। उसकी उम्र 15 साल थी। तीसरा आतंकी शाकिब बिलाल है जिसकी उम्र 17 साल थी और वह भी हाजिन इलाके का ही रहने वाला था। मुदस्सर की उम्र 15 वर्ष बताई जाती है और वह घाटी में सबसे कम उम्र के आतंकवादियों में से एक था। इस सप्ताह की शुरुआत में सोशल मीडिया पर उसकी बंदूक लिए तस्वीर सामने आई थी। वह अगस्त में अपने घर से लापता हो गया था। हालांकि पुलिस ने कहा कि मुदस्सर की उम्र की पुष्टि नहीं की जा सकती है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हम नहीं जानते हैं कि वह 14 या 16 वर्ष का था। हालांकि वह युवा दिखता था। इस बात की पुष्टि किए जाने का कोई तरीका नहीं है कि क्या वह सबसे कम उम्र का आतंकवादी था या नहीं।’
केरी सेक्टर में भारत ने पाक की चौकियां तबाह कीं
पाकिस्तान की ओर से बीते कुछ दिनों से जारी संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाओं के जवाब में भारतीय सेना ने शनिवार और रविवार को पाकिस्तानी फौज के दो पोस्ट तबाह कर दीं। पाकिस्तानी फौज ने शनिवार को नियंत्रण रेखा पर पलावालां सेक्टर के केरी सब सेक्टर में गोले दागे। भारतीय चौकियों को निशाना बनाकर की गई गोलाबारी का सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। इसमें पाकिस्तान के दो पोस्ट तबाह हो गईं। एलओसी पर पलांवाला सेक्टर के केरी क्षेत्र में सेना की लालेयाली पोस्ट पर शनिवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे पाकिस्तान ने फायरिंग शुरू की थी। जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के दो पोस्ट तबाह हो गईं। पाक क्षेत्र में आग व धुएं की लपटें भी दिखाई दे रही थीं। इसके करीब दो घंटे बाद पौने एक बजे पाकिस्तानी सेना ने फिर गोलाबारी शुरू कर दी। दोपहर दो बजे तक दोनों तरफ से गोलाबारी चलती रही। केरी सब सेक्टर के जोगवां बट्टल इलाके में भी सुबह साढ़े नौ बजे अग्रिम चौकियों को निशाना बनाया गया।
