केरल में बीजेपी-आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के सात कार्यकर्ताओं को सीपीएम के नेता के. लतीश की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
के. लतीश सीपीएम के स्थानीय सचिव और सेंटर ऑफ इंडिया ट्रेड यूनियंस (सीआईटीयू) के नेता थे। के. लतीश की हत्या 2008 में हुई थी। यह सजा कन्नूर की तलश्शेरी की अदालत ने सुनाई है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के जज विमल जे. ने सुमित उर्फ कुट्टन, केके प्रजेश बाबू, बी. निधिन, के. सनल, स्मिजोश, सजीश और वी. जयेश को दोषी पाया।
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अदालत ने इस मामले में आरोपी संतोष कुमार, बी. सरथ, ई के सनीश और कुन्नुमप्रथ अजेश को आरोप मुक्त कर दिया, जबकि एक अन्य आरोपी के. अजित की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी। अदालत ने अभियुक्तों, उनके वकीलों और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।
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कुल्हाड़ी और चाकू से की थी हत्या
यह मामला माकपा के नेता लतीश की 31 दिसंबर, 2008 को तलश्शेरी के पास थलाई में बेरहमी से हुई हत्या का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी घातक हथियारों से लैस होकर मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने लतीश को घेरकर उस पर हमला कर दिया था। हमलावरों ने लतीश पर कुल्हाड़ी और चाकू से वार किए थे। स्थानीय लोगों और मछुआरों के पहुंचने पर वे भाग गए थे।
चार लोग हुए थे घायल
इस हमले में लतीश के दोस्त और सीपीएम कार्यकर्ता मोहनलाल उर्फ लालू गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि संतोष, सुरेश और मजीद घटना के दौरान हुए बम विस्फोट में घायल हो गए।
