चक्रवात ‘वरदा’ सोमवार दोपहर (12 दिसंबर) को तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश पहुंचेगा। इसके चलते राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। नौसेना को अलर्ट पर रखा गया है। तमिलनाडु के चेन्नई, कांचिपुरम, तिरुवल्लुर और विलुपुरम में स्कूलों और कॉलेजों की छु्ट्टी कर दी गई है। रविवार शाम को वरदा चक्रवात चेन्नई से 330 किलोमीटर दूर था। मौसम विभाग के अनुसार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने से सोमवार दोपहर तक चक्रवात चेन्नई पहुंच जाएगा। इसके चलते चेन्नई में 20 सेमी तक बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। ताजा जानकारी के अनुसार चेन्नर्इ में बारिश हो रही है। वहीं समंदर में ऊंची लहरें उठ रही हैं। मछुआरों से अगले 48 घंटे तक समुद्र में नहीं जाने को कहा गया है। नयी दिल्ली में मौसम विभाग ने चक्रवाती तूफान के बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और कैबिनेट सचिवालय को इससे अवगत कराया।
मौसम विभाग ने अपनी सलाह में कहा है कि विभिन्न जिलों में धान, केला, पपीता आदि की फसलों के साथ ही बागानों को भी नुकसान हो सकता है। विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के मछुआरों को अगले 48 घंटों तक समुद्र में नहीं जाने को कहा है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकार ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमें तमिलनाडु में विभिन्न स्थानों पर तैनात की गयी हैं। चक्रवात के हालातों को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने राज्य के आपदा प्रबंधन अधिकारियों से बैठक की है। एनडीआरएफ और सुरक्षा बलों की टीमों को तैयार रहने को कहा गया है। जिन जिलों पर चक्रवात का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा वहां पर सीनियर अधिकारियों को भेजा गया है।
नौसेना की ओर से कहा गया है कि वह रिलीफ ऑपरेशन के लिए तैयार है। सभी ऑपरेशनल जहाजों को स्टैंड बाई पर रखा गया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडु भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इस चक्रवात के चलते उन्होंने गल्फ की अपनी यात्रा रद्द कर दी। उनकी ओर से बताया गया कि इस चक्रवात का ज्यादा असर नहीं होगा लेकिन बचाव के सारे उपाय कर लिए गए हैं। एयरफोर्स को भी तैयार रहने को कहा गया है। वरदा चक्रवात बंगाल की खाड़ी से उठा है। इसको यह नाम पाकिस्तान ने दिया है। हिंद महासागर क्षेत्र में आने वाले चक्रवातों के नाम इसके सदस्य देश भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, थाईलैंड, म्यांमार, मालदीव्स और ओमान तय करते हैं।

