सीजीओ कॉम्पलेक्स स्थित कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे कुछ परीक्षार्थियों ने बुधवार को विरोध स्वरूप अपना मुंडन करवाया और हवन कर एसएससी का श्राद्ध किया। मुंडन करने वाले व्यक्ति को पुलिस ने बाद में भगा दिया। एसएससी मुख्यालय पर प्रदर्शन के साथ ही परीक्षार्थियों ने सोशल मीडिया पर ‘एसएससी का श्राद्ध’ नाम से एक मुहिम शुरू की है जिससे एक ही दिन में हजारों छात्र जुड़ गए। आठ दिनों से प्रदर्शन कर रहे कई छात्र बुधवार को भूख और प्यास की वजह से बेहोश भी हुए। छात्रों ने बताया कि यहां आसपास लगने वाली खाने-पीने की दुकानें और पानी के ठेलों को हटवा दिया गया है।
इस दौरान मुंडन करवाने वाले हरियाणा के परीक्षार्थी राजेश ने कहा कि केवल दो परीक्षाओं सीजीएल टियर 1 और 2 के पेपर की जांच के आदेश दिए जाने की बात कही जा रही है पर यदि आदेश दिया गया है तो उसकी कॉपी हमें क्यों नहीं दिखाई जा रही। उन्होंने कहा कि सीबीआइ जांच के आदेश की कॉपी दिखाने में एसएससी को भला क्या परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग दो परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। हम वर्ष 2017 और 2018 में हुई सभी परीक्षाओं की सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक ये जांच पूरी न हो जाए, तब तक अन्य परीक्षाओं पर रोक लगनी चाहिए। वहीं इलाहाबाद से आए सुरजीत सिंह ने भी उन्हीं मांगों को दोहराया।
उन्होंने कहा कि एसएससी की सभी परीक्षाओं की पूरी कार्यप्रणाली की समयबद्ध तरीके से स्वतंत्र सीबीआइ जांच हो और जांच प्रक्रिया पूरी होने तक सभी एसएससी की परीक्षाओं पर रोक लगाई जाए। जब तक हमारी ये दोनों मांगें पूरी नहीं होंगी हम एसएससी मुख्यालय के सामने से नहीं हटेंगे। बुधवार को बड़ी संख्या में परीक्षार्थी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे। इनमें सबसे अधिक संख्या हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के परीक्षार्थियों की रही। एसएससी परीक्षा के तथाकथित रूप से लीक प्रश्न पत्र की जांच की मांग को लेकर 27 फरवरी से परीक्षार्थी एसएससी मुख्यालय के सामने डटे हुए हैं। ये परीक्षार्थी यहां शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं। ये एसएससी के खिलाफ नारेबाजी करते हैं। कुछ के हाथ में तिरंगा होता है जिसे वह लहराते रहते हैं।

