ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्नैपडील से आईफोन 7 ऑर्डर करने वाले एक युवक को कंपनी से स्मार्टफोन की जगह साबुन मिल गया था। यह घटना लगभग दो साल पहले की है। कंज्यूमर फोरम ने इस मामले में स्नैपडील के साथ-साथ दो और कंपनियों को आदेश दिया है कि वह गलत डिलिवरी के लिए ग्राहक को एक लाख रुपए मुआवजे के रुप में भुगतान करे। शिकायत मिलने के बाद मामले को देखते हुए मोहाली कंज्यूमर फोरम ने स्नैपडील, पियस फैशन और कुरियर सर्विस ब्लू डार्ट को पीड़ित ग्राहक को एक लाख रुपए चुकाने का आदेश दिया है। पीड़ित प्रवीण कुमार शर्मा सिविल इंजीनियर है।
स्नैपडील ने कोई कदम नहीं उठायाः स्नैपडील के माध्यम से 4 मार्च 2017 को यह ऑर्डर किया गया था और इसके दो दिन बाद 6 मार्च को गलत पार्सल की डिलिवरी हुई थी। इंजीनियर के अनुसार उसने उस समय ही स्नैपडील से बात की थी लेकिन कंपनी कोई भी कदम उठाने में नाकाम रही। इसके साथ ही उसने यूजर का अकाउंट भी डिलीट कर दिया।
स्नैपडील ने दिया ये बयानः मंगलवार (30 जुलाई) को स्नैपडील ने कहा कि उसने पिछले आठ महीनों में अपने प्लेटफॉर्म लगभग आठ हजार विक्रेताओं को हटाया है। इन सभी पर नकली सामान बेचने का आरोप लगा था। ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों की तरफ से अक्सर इस तरह की शिकायतें सामने आती हैं। पीटीआई के मुताबिक कुछ समय पहले ही एक कांग्रेस नेता की शिकायत पर पुलिस ने स्नैपडील के फाउंडर्स कुणाल बहल और रोहित बंसल के खिलाफ केस दर्ज किया था। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया था कि उन्हें ऑनलाइन शॉपिंग साइट पर फर्जी उत्पाद बेच दिए। यह आरोप लगाने वाले इंद्रमोहन सिंह हनी लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता के रूप में काम कर चुके हैं। पुलिस ने कहा कि सिंह ने 17 जुलाई को वुडलैंड का बेल्ट और एक वॉलेट ऑर्डर किया था।

