केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने हाल ही में स्कूलों को जारी दिशानिर्देश में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन एक पीरियड ‘स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा’ के लिए आरक्षित करने को कहा था। इस फैसले पर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने बोर्ड की प्रमुख अनिता करवाल को पत्र लिख कर बधाई दी है। सचिन ने पत्र में लिखा कि मैं काफी समय से पाठ्यक्रम में खेल शिक्षा को शामिल करने की वकालत करता रहा हूं। सीबीएसई की ओर से स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए लिया गया यह फैसला स्वागत योग्य है। उनके मुताबिक, 2020 तक भारत दुनिया का सबसे युवा देश होगा, लेकिन साथ ही साथ मोटापे के मामले में भी हम तीसरे स्थान पर होंगे जो चिंता का विषय है। युवाओं का अस्वस्थ होना तबाही के संकेत हैं।
इससे बचने के लिए हमें अपने देश में अच्छी खेल संस्कृति विकसित करनी होगी। सीबीएसई का रोजाना एक पीरियड स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा के लिए आरक्षित करना, इस दिशा में सही कदम है। खेल एक व्यक्ति के समग्र विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस प्रयास के साथ हमें और भी काफी कुछ करना होगा। सचिन ने बोर्ड को सुझाव देते हुए कहा कि बोर्ड का लक्ष्य बच्चों में मोटापे को रोकना है, ऐसे में बोर्ड स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा को छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए भी लागू कर सकता है। उन्होंने कहा कि खेल से न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर करने में मदद मिलती है बल्कि इससे मानसिक विकास भी होता है।
इससे बच्चों में अनुशासन और फोकस बढ़ने के साथ-साथ उनका व्यक्तिगत विकास होता है। फिट और स्वस्थ भारत बनाने के लक्ष्य के लिए हमें अपने बच्चों को खेल और शारीरिक गतिविधियां करने के लिए प्रेरित करना होगा ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि मुझे विश्वास है कि फिट और स्वस्थ बच्चे ही देश के भविष्य का बेहतर निर्माण कर सकते हैं।
