पंजाब विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर अजैब सिंह भट्टी की भतीजी सुमनप्रीत कौर 50 हजार रुपये सैलरी पर उनकी कुक के तौर पर काम करती थी। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, सुमनप्रीत को बाद में विधानभा में क्लर्क के तौर पर एडजस्ट कर दिया गया। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब राज्य की पूर्व कांग्रेस सरकार के शासनकाल में विधानसभा के कर्मचारियों की भर्ती में हुए कथित घोटाले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह सांधवां ने गुरुवार (29 अप्रैल, 2022) को यह जानकारी दी। एएनआई के मुताबिक, सांधवां ने बताया कि उन्हें विधानसभा में भर्तियों में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले की जांच करवाएंगे। ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, सुमनप्रीत कौर इस तरह के “हाई-प्रोफाइल” भर्ती का अकेला मामला नहीं है। पंजाब की मौजूदा आप सरकार ने कांग्रेस शासन के दौरान विधानसभा में 154 व्यक्तियों की भर्ती की जांच के आदेश दिए हैं, ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि कुछ और नाम भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
कुलतार सिंह सांधवां ने बताया कि पर्यटन मंत्री हरजोत सिंह बैंस से उन्हें शिकायत मिली थी कि विधानसभा में नियुक्तियों में कथित अनियमितता बरती गई थी। उन्होंने कहा, “भर्ती में किसी भी तरह की गड़बड़ी की जांच की जाएगी और उस पर कार्रवाई होगी।” शिकायतकर्ता का आरोप है कि ज्यादातर लोगों की भर्ती पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह की सिफारिश पर हुई हैं। आरोप लगाया कि इनमें उनका एक रिश्तेदार भी शामिल था, जिसकी एक क्लर्क के तौर पर नियुक्ति हुई थी। वहीं, राणा ने इन सभी आरोपों से इनकार कर दिया है।
कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बुधवार (27 अप्रैल, 2022) को अपनी शिकायत में कहा कि 2017 से 2022 में कांग्रेस शासन के दौरान विधानसभा में 170 भर्तियां हुई थीं, जिनमें से 154 भर्तियों में अनियमितता बरती गई। शिकायत में उन्होंने कांग्रेस के कई नेताओं पर अपने खास लोगों को पदों पर नियुक्त कराने का दावा किया है। बैंस ने इसे एक बड़ा घोटोला करार दिया।
वहीं, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इन भर्तियों के लिए नियमों का मसौदा तैयार किया गया था और एक उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए भर्ती हुई थी। इसमें पदों का विज्ञापन, लिखित परीक्षा और साक्षात्कार शामिल थे। उन्होंने कहा कि इससे पहले बिना किसी निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए ही भर्तियां की जाती थीं।
