पंजाब में आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ाते हुए उसके छह क्षेत्रीय समन्वयकों ने सुच्चा सिंह छोटेपुर की दोबारा बहाली की मांग के साथ ही एक प्रस्ताव पारित किया जबकि उसकी अनुशासन समिति के सदस्य नरिंदर सिंह वालिया ने मंगलवार को टिकटों के आबंटन पर सवाल उठाए। आप के छह संसदीय क्षेत्रीय समन्वयकों ने सोमवार को छोटेपुर के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया था। राज्य में पार्टी के कुल 13 क्षेत्रीय समन्वयक हैं।

उन्होंने अपने प्रस्ताव में छोटेपुर को दोबारा बहाल करने की मांग की जबकि संजय सिंह, दुर्गेश पाठक और दिल्ली से आए क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों ने उन्हें हटाने की मांग की। उन्होंने अब तक बांटे गए 32 टिकटों की समीक्षा करने की भी मांग की। क्षेत्रीय समन्वयकों में नरिंदरपाल शर्मा भगटा (बठिंडा), गुरिंदर बाजवा (अमृतसर), एचएस चीमा (जलंधर), अमनदीप सिंह (गुरदासपुर), इकबाल सिंह (खडूर साहिब) और जसपाल धालीवाल (आनंदपुर साहिब) शामिल हैं।

वालिया ने आरोप लगाया कि पार्टी के लिए पसीना बहाने वाले लोगों के उलट जिन्होंने पार्टी के लिए ‘कुछ भी नहीं किया’, उन्हें टिकट आबंटन में प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा, पार्टी में पंजाब के नेताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और दिल्ली से आए बाहरी लोगों को पंजाब में पार्टी मामलों में हस्तक्षेप ना करने को कहा जाना चाहिए। इसी बीच पंजाब आप के राजनीतिक मामलों के प्रभारी संजय सिंह ने कहा, छोटेपुर पार्टी के सदस्य हैं। उन्हें एक अनुशासित सिपाही की तरह काम करना चाहिए। किसी का भी पार्टी के खिलाफ बोलना गलत है। पंजाब में छोटेपुर के समर्थन में प्रदेश के कई क्षेत्रों में प्रदर्शन जारी है।