प्रदूषण के आंकड़े ने मंगलवार को तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए। आंकड़ा 400 के पार चला गया है और दिल्ली वाले भीषण प्रदूषण की चपेट में हैं। एक नवंबर से ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (जीपीआरए) लागू होगा। संभावना जताई जा रही है कि नई व्यवस्था से हालत थोड़ी बेहतर होगी। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) के अध्यक्ष भूरे लाल का कहना है कि जीपीआरए के प्रयोग के बाद भी अगर प्रदूषण कम नहीं होता है, तो निजी वाहनों को चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे में आम जनता को सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करना होगा।
हालांकि ईपीसीए ने वर्तमान स्थिति के बारे में कहा है कि अभी सम-विषम व्यवस्था लागू करने की जरूरत नहीं है। आगे प्रदूषण स्तर को देखते हुए इस पर निर्णय लिया जाएगा। मंगलवार को दिल्ली में पीएम 2.5 व पीएम 10 की मात्रा में इजाफा दर्ज किया गया। सबसे अधिक परेशानी पीएम 10 का स्तर बढ़ने से हुई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में मंगलवार शाम पांच बजे प्रदूषण का आंकड़ा 401 दर्ज किया गया। सबसे खराब हालत आंनद विहार व उसके आसपास के इलाके की थी। यहां सुबह प्रदूषण का स्तर बढ़कर 600 तक पहुंच गया था। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि बॉर्डर इलाके के जाम व भारी वाहनों की वजह से यह स्तर बढ़ा हुआ दर्ज किया जाता है। इसके अतिरिक्त अन्य स्टेशनों पर भी यह स्तर अधिक बढ़ा हुआ दर्ज किया गया है।
पर्यावरण मंत्री ने दिया जुर्माना लगाने का आदेश
दिल्ली सरकार के मंत्री इमरान हुसैन मंगलवार को निर्माणाधीन गतिविधियों की जांच के लिए महिपालपुर पहुंचे। उन्होंने पाया कि प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए संबंधित स्थल पर किसी भी तरह का कोई प्रावधान नहीं किया गया था। इस मामले में मंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि नियमों के उल्लंघन के मामले में संबंधित साइट पर पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाए। जांच में पाया गया था कि साइट पर छिड़काव आदि की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। पर्यावरण मंत्री ने दिल्ली वालों से अपील की है कि वे प्रदूषण कम करने में सरकार की मदद करें ताकि इस स्थिति पर काबू पाया जा सके।
निगरानी के लिए तैनात की गर्इं 44 टीमें
प्रदूषण की निगरानी के लिए केंद्र व दिल्ली सरकार ने 44 टीमें तैनात की हैं। इन संयुक्त टीमों में एसडीएम, नगर निगम समेत अन्य विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। ये टीमें कचरा जलाने, कृषि उत्पाद जलाने, वाहनों से निकलने वाले धुएं, रास्तों पर धूल कण व निर्माण गतिविधियों पर नजर रखेंगी। दिल्ली सरकार ने आदेश दिया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण गतिविधियों से संबंधित साइट पर पानी का छिड़काव किया जाए।
