Paytm के सीईओ विजय शेखर शर्मा गुरुवार को लखनऊ में ट्रैफिक जाम में फंसने के बाद रिक्शे में सवार होकर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करने पहुंचे। अखिलेश ने यह जानकारी खुद अपने टि्वटर अकाउंट पर शेयर की है। उन्होंने लिखा है, ‘ट्रैफिक जाम की वजह से Paytm के सीईओ विजय शेखर शर्मा को साइकिल रिक्शा से यहां आना पड़ा। लखनऊ मेट्रो लखनऊ में ट्रैफिक जाम से निजात दिलाएगी।’ शर्मा गुरुवार को लखनऊ में राज्य सरकार का अवार्ड यश भारती लेने के लिए आए थे। बता दें, लखनऊ मेट्रो अखिलेश यादव का महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट है। उन्हें उम्मीद है कि राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लखनऊ में मेट्रो का संचालन शुरु हो जाएगा।
वीडियो में देखें- चीनी सामान का बहिष्कार करने पर चीन ने भारत को दी चेतावनी
बता दें, गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने साहित्य, फिल्म, विज्ञान, पत्रकारिता, संस्कृति, संगीत, नाटक, खेल, सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान करने वाली 73 हस्तियों को यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया। ये पुरस्कार साहित्य, समाजसेवा, चिकित्सा, फिल्म, विज्ञान, पत्रकारिता, हस्तशिल्प, संस्कृति, शिक्षण, संगीत, नाटक, खेल, उद्योग और ज्योतिष क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान करने वाली हस्तियों को दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि यह पुरस्कार उनके पिता सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने 1994-95 में शुरू किया था। पिछली सरकार (बसपा सरकार) ने यश भारती सहित सभी पुरस्कारों और सम्मानों पर रोक लगा दी थी, जिसे सपा सरकार ने फिर से शुरू किया। लेकिन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव इस मौके पर मौजूद नहीं थे।
Read Also: जानिए कौन हैं दर्शन सिंह यादव? जिन्हें सौंपा गया था अखिलेश-शिवपाल विवाद को सुलझाने का काम
A traffic jam forced Paytm CEO Vijay Shekhar Sharma to visit us in a cycle rickshaw. Lucknow Metro will help solve the traffic jams in city. pic.twitter.com/SDzZy0mjMX
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 27, 2016
पुरस्कार पाने वाले नामचीन लोगों में बेगम हमीदा हबीबुल्लाह (समाजसेवा), बशीर ब्रद (उर्दू शायर), संतोष आनंद (फिल्म गीतकार), केवल कुमार (संगीत निर्देशक), नसीरूददीन शाह (अभिनय), पंडित विश्वनाथ (शास्त्रीय संगीत), सौरभ शुक्ला (अभिनय, लेखन), मोहम्मद असलम वारसी (कव्वाली), पीयूष चावला (क्रिकेट), साबरी बंधु (कव्वाली) शामिल हैं। पुरस्कार के रूप में 11 लाख रूपये का चेक, शाल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।
Read Also: नई पार्टी बनाने जा रहे हैं अखिलेश यादव? उप चुनाव आयुक्त से मिले चाचा राम गोपाल

