कांग्रेस नीत विपक्षी पार्टियां गुरुवार को शीर्ष पुलिस अधिकारी की बेटी के खिलाफ पुलिसकर्मी की पिटाई के मामले में कार्रवाई नहीं होने के विरोध में सदन से बहिर्गमन कर गए। बहिर्गमन से पहले विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने मुख्यमंत्री पिनरई विजयन पर आवश्यक कार्रवाई नहीं करने के लिए निशाना साधा। चेन्निथला ने कहा, “कुछ दिन पहले एक शीर्ष पुलिस अधिकारी की बेटी ने एक पुलिस वाहन चालक गावस्कर को पीटा था। पीड़ित अस्पताल में है और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। लेकिन अधिकारी की बेटी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आरोप है कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक की
पत्नी और बेटी ने पिछले हफ्ते गावस्कर के साथ दुर्व्यवहार किया था। कुमार की बेटी पर गावस्कर को गाली देने और अपने मोबाइल फोन से उसकी पिटाई करने का आरोप है। गावस्कर कुमार की बेटी और पत्नी को लेने देरी से पहुंचा था, जिसके बाद दोनों ने उसके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया। गावस्कर फिलहाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती है। विजयन ने कहा कि शीर्ष पुलिस अधिकारियों द्वारा निजी काम के लिए पुलिसकर्मियों का इस्तेमाल करने की परंपरा के खिलाफ कदम उठाए जा रहे हैं।
विजयन ने कहा, “मैं सदन को आश्वस्त करता हूं कि चीजें सही दिशा में जा रही हैं और चाहे कोई किसी भी रैंक का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। हमारा उपहास मत उड़ाइए, हम चीजों को सही करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। घरेलू कामों के लिए पुलिसकर्मियों का इस्तेमाल नियमों के खिलाफ है। इससे पहले, कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक के. मुरलीधरन ने विजयन पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मार्च में ही कहा था कि कोई शीर्ष अधिकारी अपनी सेवा का दुरुपयोग नहीं कर रहा है।
मुरलीधरन ने कहा, “हाल ही में यह प्रकाश में आया है कि राजस्थान के एक आईपीएस अधिकारी ने अपनी पत्नी के प्रसव के समय दो महिलाओं की मदद ली थी। और जब ऐसी चीजें मीडिया में आ जाती हैं, तो ये अधिकारी अपना गुस्सा अपने कनिष्ठों पर उतारते हैं।
