कांग्रेस ने शनिवार को 2019 लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी सरकार को हराने के लिए समान विचारधारा की पार्टी से गठबंधन करने की अपनी इच्छा जाहिर की। पार्टी ने यहां अपने अधिवेशन के दौरान राजनीतिक संकल्प में कहा, “कांग्रेस 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा-आरएसएस को हराने के लिए समान विचारधारा की पार्टी से गठबंधन करने के लिए एक व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाएगी और एक सामान्य व्यवहारिक कार्यक्रम विकसित करेगी।”

राजनीतिक संकल्प में हालांकि यह नहीं बताया गया कि समान विचारधारा की पार्टी के साथ गठबंधन के बाद इसकी अगुवाई कौन करेगा। संकल्प में बताया गया है कि भाजापनीत सरकार ने देश के सभी वर्गो के लोगों के साथ धोखा किया है और संवैधानिक मूल्य खतरे में हैं। संकल्प के अनुसार, “भाजपा के शासन में, किसानों, खेत-मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों, दिहाड़ी मजदूरों, दलितों, अल्पसंख्यकों, बेरोजगारों और गरीबों को धोखा दिया गया।”पार्टी ने कहा, “आज हमारे संवैधानिक मूल्य पर हमला किया जा रहा है। हमारी स्वतंत्रता खतरे में है। हमारे संस्थान संकट में हैं और उनकी स्वतंत्रता के साथ समझौता किया जा रहा है।”

बता दें कि अधिवेशन के दौरान सोनिया गांधी ने कहा कि हमारे अस्तित्व को मिटाने की चाह रखने वालों को पता नहीं था कि कांग्रेस किस तरह से लोगों के दिलों में है। सोनिया ने मोदी सरकार को अहंकारी सरकार बताते हुए कहा कि कांग्रेस उनके भ्रष्टाचारों का साक्ष्यों समेत खुलासा कर रही है। सोनिया मे 2014 में मोदी के दिए गए नारे ‘सबका साथ-सबका विकास’ और ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ को ड्रामेबाजी करार दिया। महाअधिवेशन में कांग्रेस ने 2019 में भाजपा को हराने के लिए अपनी रणनीति भी जाहिर की। कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि पार्टी समान विचारधारा वाले दलों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है। कांग्रेस नेता म​ल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बाबत प्रस्ताव पेश किया।