विदेश मामलों के राज्यमंत्री वी.के. सिंह ने संसद में बताया कि सरकार ने 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में वांछित भगोड़े नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन सरकार को एक अनुरोध पत्र भेजा है। वी.के. सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा, “ब्रिटेन से नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के लिए गृह मंत्रालय से विदेश मंत्रालय को एक प्रत्यर्पण अनुरोध प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा, “इस अनुरोध पत्र को लंदन में भारत के उच्चायोग (एचसीआई) के विशेष राजनयिक विभाग द्वारा ब्रिटेन सरकार तक पहुंचा दिया गया है।
सिंह ने कहा कि विदेश मंत्रालय ने 16 फरवरी, 2018 को पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 10 (3) (सी) के प्रावधान के तहत नीरव मोदी के पासपोर्ट को रद्द कर दिया था।
उन्होंने कहा, “इंटरपोल को भेजने के लिए यह जानकारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को दे दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय के पास नीरव मोदी की किसी यात्रा (यदि उन्होंने की है) या इस तरह की यात्राओं के लिए पासपोर्ट का इस्तेमाल करने के मामले को प्रमाणित नहीं कर सकता। सीबीआई और ईडी बैंक धोखाधड़ी मामले में नीरव मोदी और उनके अंकल गीतांजलि समूह के मेहुल चोकसी की जांच कर रहे हैं।
चौकसी को लेकर इससे पहले खबर आई थी कि भारत ने एंटीगुआ एवं बरबुडा से पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले के आरोपी मेहुल चोकसी को हिरासत में लेने की मांग की है ताकि वह देश छोड़कर भाग न पाए। विश्वस्त सूत्रों ने सोमवार को बताया कि विदेश मंत्रालय ने एंटीगुआ एवं बरबुडा सरकार से चोकसी के उनके देश में होने के बारे में पुष्टि करने को कहा है। एक सूत्र के ने बताया, “हमारे उच्चायुक्त की एंटीगुआ एवं बरबुडा सरकार के संबद्ध अधिकारी से आज (सोमवार) मुलाकात हो रही है।”
उन्होंने कहा, “हम लगातार यहां सरकारी एजेंसियों और सरकार के संपर्क में हैं। पंजाब नेशनल बैंक के 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में वांछित चोकसी ने स्वीकार किया है कि उसने पिछले साल एंटीगुआ की नागरिकता ली थी। पीएनबी धोखाधड़ी मामले में चोकसी के साथ उसका भतीजा नीरव मोदी भी आरोपी है।

