जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में रविवार को सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ और कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आतंकवादी मार गिराए गए। मारे गए आतंकियों में लश्कर-ए-तैयबा का एक शीर्ष कमांडर शीराज मौलवी भी शामिल है। दो आतंकवादी मौके से भाग निकलने में कामयाब रहे। मुठभेड़ में राष्ट्रीय राइफल्स के दो सैनिक घायल हुए हैं। मुठभेड़ के बाद वहां आतंकियों द्वारा छुपाए गए विस्फोटकों के फटने से सात स्थानीय नागरिकों की मौत हो गई और 43 लोग घायल हो गए। ये लोग वहां सैन्य बलों की कार्रवाई में बाधा डालने और प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे थे। सेना के प्रवक्ता के मुताबिक, दक्षिण कश्मीर के लारलू इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद घेराबंदी की गई और तलाशी अभियान चलाया गया। सेना की राष्ट्रीय राइफल्स को शनिवार-रविवार देर रात दो-तीन आतंकियों की आवाजाही की खबर मिली थी। जब सुरक्षाबल तलाशी अभियान में लगे थे, तभी आतंकवादियों ने उन पर गोलियां चलाई, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। आतंकी एक मकान में छिपे थे। उन लोगों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी कर भागने का प्रयास किया। सुरक्षाबलों ने जवाबी गोलीबारी की।
इस कार्रवाई के दौरान मकान में छिपे तीन आतंकियों को मार गिराया गया। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने ट्वीट किया कि तीन आतंकियों के मारे जाने के बाद मुठभेड़ को खत्म कर दिया गया। मारे गए आतंकियों की पहचान की जा रही है। सेना के प्रवक्ता के मुताबिक, मुठभेड़ खत्म होने के तुरंत बाद मौके पर विस्फोट हो गया, जिसकी जद में सात लोग आए गए। विस्फोट के बाद कुलगाम में तनाव को देखते हुए इलाके में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। प्रवक्ता के मुताबिक, मौके पर न जाने की स्थानीय लोगों से बार-बार अपील की गई, लेकिन लोग नहीं माने। सुरक्षाबलों के खिलाफ प्रदर्शन करते-करते लोग वहां पहुंच गए। आतंकियों द्वारा वहां लगाए गए कुछ विस्फोटक फट गए, जिससे नागरिकों को चोटें आई हैं। कुल सात नागरिकों की मौत हो गई और 43 घायल हो गए, जिन्हें श्रीनगर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर स्थानीय निवासियों ने सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंके। बलों द्वारा बल प्रयोग में कई प्रदर्शनकारियों को चोट लगी।

