जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर में पिछले पांच दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है और प्रशासन ने उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की। छात्र संघ बुधवार को मध्य दिल्ली में झंडेवाला स्थित दिल्ली जल बोर्ड के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करेगा।
जेएनयू छात्र संघ ने कहा कि जेएनयू में पानी को लेकर त्राहिमाम है। पिछले पांच दिनों से, जल बोर्ड ने जेएनयू को पानी की कोई आपूर्ति नहीं की है। जेएनयू को पहले 24 यूनिट पानी मिलता था लेकिन अब या तो पांच यूनिट मिलता है या कुछ भी नहीं मिलता। वहीं, विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि पानी का कोई संकट नहीं है और विश्वविद्यालय को नियमित तौर पर पानी की आपूर्ति हो रही है।
जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन के प्रेजिडेंट एन. साई बालाजी का कहना है कि, यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स को 24 यूनिट तक पानी मिलता है लेकिन बीेते 5 दिनों से पांच यूनिट पानी ही मिल रहा है। इस वजह से कई हॉस्टल में तो पानी ही नहीं आ रहा है, जो हमारी आम जरूरत है। इस सिलसिले में स्टूडेंट्स की ओर जेएनयू वीसी और प्रशासन को कई लेटर दी गईं मगर कोई प्रशासन चुप बैठा है। यूनियन का कहना है कि इस चुप्पी की वजह से अब उन्हें खुद लड़ाई लड़नी पड़ेगी।
गौरतलब है कि, बीते दिनों ही जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ को अधिकारियों ने सूचित किया गया था कि चुनाव प्रचार अभियान में जीएसटी नंबर वाले मूल बिल नहीं जमा करने पर उनके पदाधिकारियों का चुनाव रद्द हो सकता है। छात्र संघ को जारी किए गए एक पत्र में यह बात कही गई है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि जमा किए गए बिल सही प्रारूप में नहीं थे।
छात्र संघ के चुने गए पदाधिकारियों ने चुनाव के प्रचार के दौरान किए गए खर्चों के प्रमाण 28 सितंबर को जमा कर दिए थे लेकिन डीन आॅफ स्टूडेंट्स (डीओएस) प्रोफेसर उमेश कदम की ओर से चार अक्टूबर को लिखे गए एक पत्र में इन पदाधिकारियों से मूल बिल जमा करने को कहा गया। कदम की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया कि जेएनयू छात्र संघ की ओर से जमा किए गए बिल लिंगदोह कमिटी की सिफारिशों के अनुरूप नहीं थे जिसके मुताबिक, ‘‘प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव परिणाम घोषित होने के दो हफ्ते के भीतर पूर्ण एवं लेखा परीक्षित खाते कॉलेज/ यूनिर्विसटी अधिकारियों को सौंपने होंगे।’

