धमकियों के मद्देनजर सफदरजंग हवाई अड्डे की सुरक्षा की जिम्मेदारी जल्द ही केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल सीआइएसएफ को सौंपी जा सकती है। हवाई अड्डे पर खतरे की आशंका को देखते हुए यह सुरक्षा प्रदान की जाएगी जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से वीवीआइपी हेलिकॉप्टर उड़ानों के संचालन के लिए किया जाता है। कयास है कि कई हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) को ही यह जिम्मेदारी दी जाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मध्य दिल्ली स्थित हवाई अड्डे के सुरक्षा आॅडिट का आदेश दिया गया है। केंद्रीय सुरक्षा एजंसियों ने इसकी सिफारिश की थी। हवाई अड्डे पर खतरों की आशंका और इसकी संवेदनशीलता के बारे में एक शुरुआती रिपोर्ट तैयार की गई थी।
करीब 200 एकड़ क्षेत्र में फैले इस हवाई अड्डे को पूर्वोत्तर राज्यों की इंडियन रिजर्व बटालियन (आइआरबी) के जवान सुरक्षा प्रदान करते हैं। व्यापक तौर पर वे आधिकारिक प्रवेश और निकास मार्गों पर जिम्मेदारी निभाते हैं। हवाई अड्डे का परिचालन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) देखता है और नियमित प्रशासनिक परिचालनों के अलावा यहां सीमा सुरक्षा बल के एमआई-17 श्रृंखला के हेलिकॉप्टर भी खड़े किए जाते हैं। सूÞत्रों ने कहा कि सुरक्षा आॅडिट के बाद हवाई अड्डे की सुरक्षा का पूरा जिम्मा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) को सौंपा जा सकता है जो देश में सभी बड़े असैन्य हवाई अड्डों की सुरक्षा संभालता है। आतंकी हमलों के खतरे के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने हाल ही में करीब सौ असैन्य हवाई अड्डों के सुरक्षा आॅडिट का आदेश दिया था और ऐसे सभी विमानपत्तनों को क्रमिक तरीके से सीआइएसएफ के सुरक्षा घेरे में लाने का फैसला किया था।
