बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने के लिए नया प्लान बनाया है। इसके जरिए वे मोदी विरोधियों को अपने साथ ला रहे हैं। इसी कड़ी में वे मोदी का विरोध करने वाले लेखकों से मुलाकात करने जा रहे हैं। नीतीश कुमार 2019 के आम चुनावों की तैयारियों में जुटे हुए हैं। वे सीधे पीएम मोदी पर हमला बोल रहे हैं। पिछले दिनों अंतर राज्यीय परिषद की बैठक के दौरान भी उनके निशाने पर केंद्र सरकार की नीतियां रही थी। उन्होंने राज्यपाल के पदों को समाप्त करने की मांग भी की थी।
सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार दिल्ली में अशोक वाजपेयी सहित 30 के करीब साहित्यकारों और लेखकों से मुलाकात करेंगे। इनमें वे सभी लेखक शामिल हैं जो अवार्ड वापसी अभियान में शामिल थे। बताया जा रहा है कि नीतीश मोदी विरोधी बुद्धिजीवी वर्ग को अपने साथ लाना चाहते हैं। उनका मानना है कि साहित्यकार अगर सरकार के खिलाफ आवाज उठाएंगे तो मीडिया में कवरेज मिलेगा। इससे जनता से जुड़ा जा सकेगा।
नीतीश कुमार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विरोध में भी है। बिहार चुनाव के समय उन्होंने संघ मुक्त भारत का नारा दिया था। संघ मुक्त भारत के जरिए वे सभी संघ विरोधी पार्टियों को एक मंच पर लाना चाहते हैं। इसी संदर्भ में नीतीश ने पिछले महीने जेपी आंदोलन से निकले नेताओं की बैठक बुलार्इ थी। नीतीश कुमार शराबबंदी के मुद्दे को पूरे देश में ले जाना चाहते है। इस अभियान के जरिए वे देश में शराबबंदी का माहौल तैयार कर खुद को मोदी के समकक्ष खड़ा करने की तैयारी में हैं।

