रवांडा की राजधानी किगाली में भारत अपना उच्चायोग स्थापित करेगा। वहां पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागमे के साथ शिखर वार्ता के बाद यह एलान किया कि भारत जल्द ही वहां अपना उच्चायोग खोलेगा। भारत अब औपचारिक तौर पर रवांडा के साथ राजनयिक संबंध बनाएगा। साथ ही, उच्चायोग खोले जाने से वहां रहने वाले भारतवंशी लाभान्वित होंगे। अपनी यात्रा में प्रधानमंत्री ने रवांडा के लिए 20 करोड़ डॉलर की कर्ज सुविधा मंजूर करने का एलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को दो दिवसीय रवांडा यात्रा पर पहुंचे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली रवांडा यात्रा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागमे के साथ मुलाकात के बाद मोदी ने एक संयुक्त बयान में कहा, हम रवांडा में उच्चायोग स्थापित करने वाले हैं। इससे ना सिर्फ हमारी सरकारों के बीच संवाद कायम होगा बल्कि इससे काउंसलर, पासपोर्ट और वीजा सुविधाएं भी बढ़ेंगी। उन्होंने यह रेखांकित किया कि भारत- रवांडा के संबंध हर धूप-छांव झेल चुके है। भारत रवांडा के विकास में सहयोग जारी रखेगा। मोदी ने कहा- हमारे लिए यह गौरव की बात है कि भारत रवांडा की आर्थिक प्रगति में उसके साथ खड़ा रहा है।
दोनों नेताओं के बीच शिष्टमंडल स्तरीय वार्ता भी हुई। इसमें रक्षा, व्यापार, कृषि, पशुपालन सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। आठ समझौतों पर दस्तखत किए गए। भारत ने रवांडा को औद्योगिक पार्क और किगाली सेज विकसित करने के लिए 10 करोड़ डॉलर व कृषि क्षेत्र के लिए 10 करोड़ डॉलर (कुल 20 करोड़ डॉलर) की कर्ज सुविधा मंजूर की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1994 नरसंहार में मारे गए 2,50,000 लोगों की याद में बने रवांडा के नरसंहार स्मारक केंद्र पहुंचे। रवीश कुमार ने एक ट्वीट में कहा, मार्मिकता के साथ दिन की शुरुआत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किगाली में नरसंहार स्मारक केंद्र का दौरा किया।
उधर भारत और रवांडा की मित्रता पर भारतवंशियों द्वारा डाले गए सकारात्मक प्रभावों की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया पर अपनी छाप छोड़ते हुए भारतवंशी खुद को विशिष्ट साबित करते हुए उपलब्धियों से देश को गौरवान्वित कर रहे हैं। रवांडा में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति पॉल कागमे ने कल उन्हें पूर्व अफ्रीकी देश में भारतीय समुदाय के कार्यों के बारे में बताया। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है, रवांडा में भारतीय समुदाय के साथ खुशगवार बातचीत हुई। भारतवंशी पूरी दुनिया में अपने आप को विशिष्ट साबित कर रहे हैं और अपनी उपलब्धियों से हमें गौरवान्वित कर रहे हैं। रवांडा में रहने वाले भारतवंशियों का भारत-रवांडा संबंधों पर बहुत सकारात्मक प्रभाव है।
रवांडा में ग्रामीणों को दो सौ गायें दान में दीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रवांडा के ग्रामीणों के लिए दो सौ गायें दान में दीं। उन्होंने गरीबी घटाने और बाल कुपोषण से निपटने के लिए देश के राष्ट्रपति पॉल कागमे के महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘गिरिनका’ की सराहना भी की। कागमे ने वर्ष 2006 में ‘गिरिनका कार्यक्रम’ शुरू किया था। इसका उद्देश्य हर गरीब परिवार को पोषण और वित्तीय सुरक्षा मुहैया कराने के लिए उसे एक गाय देना है। विदेश मंत्रालय के द्वारा बयान के मुताबिक, उन्होंने रवेरू मॉडल गांव में एक कार्यक्रम में गरीब परिवारों को ये गायें दान में दी। मोदी ने इस मौके पर कहा कि दूरदराज स्थित रवांडा के गांवों में आर्थिक सशक्तीकरण के साधन के तौर पर गायों को इतना महत्त्व देता देखकर भारत में भी लोगों को अच्छा लगेगा। इस कार्यक्रम को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, रवांडा के आर्थिक विकास की दिशा में एक परिवर्तनकारी परियोजना का हिस्सा बना! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रवेरू गांव में गिरिनका- एक गाय प्रति गरीब परिवार कार्यक्रम के तहत 200 गायें दान में दी। गिरिनका एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, जो गरीबों को पोषण और वित्तीय सुरक्षा, दोनों ही मुहैया कराता है।
युगांडा पहुंचे प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अफ्रीका के तीन देशों की अपनी यात्रा के दूसरे चरण में मंगलवार को युगांडा पहुंचे। प्रधानमंत्री के विमान के एंतेबे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही उनकी युगांडा की दो दिन की यात्रा का आगाज हो गया। वर्ष 1997 के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह इस देश की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। हवाई अड्डे पर मोदी का भव्य स्वागत किया गया। युगांडा में वे राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी से मुलाकात करेंगे। साथ ही, खास मुद्दों पर और शिष्टमंडल स्तर की वार्ता करने और भारत-युगांडा संयुक्त व्यापार कार्यक्रम में शिरकत करने का कार्यक्रम है। मोदी युगांडा की संसद को भी संबोधित करेंगे। वे युगांडा से दक्षिण अफ्रीका रवाना होंगे जहां बुधवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस साल ब्रिक्स की थीम ‘ब्रिक्स इन अफ्रीका’ है।

