साहित्य के क्षेत्र में प्रदान किए जाने वाला पहला जेसीबी पुरस्कार मलयाली लेखक बेन्यामिन को उनकी किताब ‘जैस्मिन डेज’ के लिए मिला है जो पश्चिम एशिया में रहने वाले दक्षिण एशियाई लोगों की जिंदगी पर आधारित है। देश में साहित्य के क्षेत्र में सबसे अधिक राशि प्रदान करने वाले पुरस्कार की घोषणा करते हुए ज्यूरी के अध्यक्ष विवेक शानबाग ने बुधवार की रात कहा कि बेन्यामिन की किताब मूलत: मलयालम में लिखी गयी है और इसका शहनाज हबीब ने अंग्रेजी में अनुवाद किया है। बेन्यामिन को पुरस्कार के रूप में 25 लाख रुपये नकद और एक शानदार ट्राफी प्रदान की गई। इसके अलावा हबीब को पांच लाख रुपये का अतिरक्त पुरस्कार भी दिया गया। बेन्यामिन की किताब ‘जैस्मिन डेज’ ने चार लेखकों अमिताभ बागची, अनुराधा रॉय, शुभांगी स्वरूप और पेरुमल मुरुगन की रचनाओं को पछाड़ा है।
बता दें कि जेसीबी पुरस्कार के लिए 31 मई 2018 तक प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं। इसमें 19 राज्यों के लेखकों की रचनाएं शामिल थीं। 35 प्रविष्टियां महिला लेखकों की ओर से आई थीं। साहित्य के क्षेत्र में दिए जाने वाले इस पुरस्कार के लिए 10 उपन्यासों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। जेसीबी पुरस्कार के विजेता को 25 लाख रुपए का पुरस्कार प्रदान किए जाने की व्यवस्था है, वहीं इसके अलावा शीर्ष 4 अन्य सर्वश्रेष्ठ रचनाओं को 1-1 लाख रुपए का पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई है।
पुरस्कार के लिए तमिल लेखक पेरुमल मुरुगन की पूनाची को भी शीर्ष 5 में शामिल किया गया था। मुरुगन वही लेखक हैं जिन्होंने 2015 में अपने एक उपन्यास का विरोध होने पर अपने लेखकीय जीवन के समाप्ति की घोषणा कर दी थी। उन्होंने फेसबुक पर सुसाइड लेटर लिखकर कहा था कि लेखक पेरुमल मुरुगन की मौत हो चुकी है। अब केवल शिक्षक पेरुमल मुरुगन जिंदा है। उनके इस उपन्यास का अनुवाद एन कल्याण रमन ने किया है। वहीं पहले स्थान पर रही किताब जैसमिन डेज मूल रूप में बेन्यामिन द्वारा मलयालम में लिखी गई है। इसका अनुवाद अमेरिकन कवयित्री शहनाज हबीब ने किया है।
(भाषा इनपुट के साथ)

