कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच अब बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है। दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी दलीलों पर अड़े हैं। इस बीच किसानों के आंदोलन को विपक्ष का भी समर्थन मिला है। सरकार लगातार आंदोलन में राजनीतिक दखल का विरोध करती रही है। इस बीच गुरुवार को लेफ्ट संगठन- ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े छात्र बड़ी संख्या में कृषि कानूनों के खिलाफ आमराय बनाने दिल्ली के मुनिरका पहुंचे। हालांकि, यहां उन्हें स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।

सोशल मीडिया पर हाल ही में कुछ वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इसमें AISA के छात्र मुनिरका गांव में घरों में पहुंचकर लोगों को कृषि कानूनों से होने वाले नुकसानों के बारे में जानकारी देते दिखाई दे रहे हैं। उनके हाथों में कृषि कानूनों के खिलाफ तख्तियां और कागज भी दिखाई दे रहे हैं। बताया गया है कि यहीं पर कुछ स्थानीय लोगों ने छात्रों का विरोध किया और उनसे लौटने की बात कही।

ऐसे ही एक वीडियो में दिख रहा है कि जब कुछ छात्र एक बुजुर्ग को कानून के विपक्ष में बताते हैं, तो वृद्ध भड़क कर कहते हैं कि कानून में कुछ भी गलत नहीं है, तुम लोग गलत हो। इस दौरान एक छात्र उनसे कृषि कानून के प्रावधान पढ़ने के लिए देता है, तो बुजुर्ग उसे काटते हुए कहते हैं- हां पढ़ लिया, तुम लोग गलत हो, कानून में कुछ गलत नहीं है, बिल्कुल गलत नहीं है। कानून बिल्कुल सही है।

लेफ्ट संगठन- कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनिस्ट) ने मुनिरका में लोगों के विरोध का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गुरुवार को जब छात्र किसान प्रदर्शनों के समर्थन में अभियान चला रहे थे, तब कुछ संघी गुंडों ने उन्हें धमकी दी। CPIML लिबरेशन ने अपने ट्विटर हैंडल पर इससे जुड़ा एक वीडियो पोस्ट कर लिखा, “कोई भी धमकी किसान आंदोलन के साथ चल रही लहर को नहीं रोक पाएगी। सभी कृषि कानून को वापस लिया जाए।”

आईसा-दिल्ली यूनिवर्सिटी के ट्विटर हैंडल से भी इस मुद्दे पर एक वीडियो पोस्ट किया गया। इसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के लॉ फैकल्टी के एक छात्र सुमित घरतन कहते हैं कि आज संगठन के कुछ कार्यकर्ता मुनिरका में प्रदर्शन के लिए गए थे। उन्होंने आरोप लगाए कि संघ के गुंडों ने उनके साथ बद्तमीजी की और मारपीट करने की कोशिश की। सुमित वीडियो में अपील करते हैं कि देश की सभी यूनिवर्सिटी के छात्र आम लोगों के बीच जाएं और इन काले कानूनों के बारे में लोगों को जागरुक करें।