जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने रविवार को कहा कि वे आजीवन भारत के मित्र रहेंगे। जापान-भारत रणनीतिक साझीदारी को और मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के पूर्व आबे ने अपने एक संदेश में यह बात कही। भारतीय समाचारों पत्रों में प्रकाशित इस संदेश में उन्होंने कहा, ‘जापान जब बहुत समृद्ध नहीं था, तो प्रधानमंत्री (जवाहरलाल) नेहरू ने हजारों लोगों के सामने जापान के प्रधानमंत्री किशी का परिचय कराते हुए कहा था कि वे उनका सम्मान करते हैं।’ आबे ने याद किया कि 1957 में उनके दादा नाबुसुकु किशी भारत की यात्रा करने वाले पहले जापानी प्रधानमंत्री थे।
उसी यात्रा के बाद जापान ने भारत को 1958 में येन (जापानी मुद्रा) में कर्ज सहायता देनी शुरू की। वर्ष 2006 में पहली बार प्रधानमंत्री चुने गए आबे एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से आते हैं। आबे ने अपने आलेख में लिखा है, ‘अपने दिल में उस इतिहास को अंकित कर मैंने अपने आप को भारत के साथ जापान के रिश्ते को सींचने में समर्पित कर दिया है।’ उन्होंने याद किया कि 2007 में भारत की यात्रा के दौरान उन्हें भारतीय संसद में भाषण देने का सम्मान हासिल हुआ था। आबे ने कहा कि पिछले साल सितंबर में जब वह प्रधानमंत्री मोदी के गृह राज्य गुजरात गए थे तो लोगों ने बेहद गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया था। वहां की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के 64 वर्षीय नेता ने कहा, ‘अपने दादा की भारत यात्रा के प्रभाव और उसकी याद करते हुए मैंने शपथ ली है कि मैं आजीवन भारत का मित्र बना रहूंगा।’

