दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने गुरुवार को दिल्‍ली में रैली की। केंद्र सरकार के 500, 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने के फैसले का विरोध करते हुए ममता और केजरीवाल, दोनों ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। अरविंद केजरीवाल ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा, ”बैंकों के बाहर लाइनों में कोई उद्योगपति नहीं हैं, लेकिन सरकार जनता को परेशान करने में लगी है।” दिल्‍ली सीएम ने लाइनों में लगे लोगों को ‘शहीद’ बताते हुए कहा, ”इस देश की जनता बड़ी देशभक्‍त है। देश की जनता को लाइन में खड़ा होना पड़ेगा। मगर यह देश की जनता सहन नहीं करेगी। इसके लिए कुर्बानी देनी पड़ेगी तो देंगे। ये 40 लोग जो नोटबंदी की वजह से मरे हैं, वे मरे नहीं, बल्कि शहीद हुए हैं।” इससे पहले केजरीवाल ने पीएम मोदी पर निशाना साधा। विजय माल्‍या जैसे उद्योगपतियों पर कार्रवाई ने कर पाने का आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने कहा, ”पीएम मोदी ने विजय माल्या को रात में हवाई जहाज में बैठाकर लंदन भेज दिया। माल्या ने बैंकों के करोड़ो रुपए खा लिए हैं। सरकार ने भी उनके अरबों रुपए का लोन माफ कर दिया है। लेकिन यहां पर लोग लाइनों में खड़े हैं। लोगों के पास खाने को भी नहीं है। लोग परेशान हो रहे हैं। लोगों की बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो रही हैं।”

सरकार ने किसानों और शादी वाले घरों को राहत देने का ऐलान किया है, केजरीवाल ने इसपर भी सवाल उठाए। उन्‍होंने कहा, ”सरकार कह रही है कि किसी की बेटी की शादी हो तो वे कार्ड दिखाकर 2.5 लाख रुपए ले सकते हैं। आज के समय में ढाई लाख रुपए में कोई शादी होती है क्या। अरुण जेटली ने बेटी की शादी की थी, बताइए क्या उन्होंने शादी 2.5 लाख रुपए में की थी।”

इससे पहले, ममता बनर्जी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, ”मैं दिल्‍ली में संविधान के अभिभावक, राष्‍ट्रपति जी से मिलकर देश के वित्‍तीय संकट के बारे में बात करने आई थी। क्‍या यही वे अच्‍छे दिन हैं जिनका वादा किया गया था ? यह सरकार देश के लोगों पर भरोसा नहीं करती। क्‍या हर कोई चोर है ? ट्रांसपोर्ट सेक्‍टर थम गया है। क्‍या किसान क्रेडिट कार्ड इस्‍तेमाल करते हैं? यह भारत है, यहां 4 प्रतिशत लोग प्‍लास्टिक मनी का प्रयोग करते हैं, बाकी 96 प्रतिशत का क्‍या?

केंद्र सरकार द्वारा नोटबंदी के फैसले के बाद से देशभर में करीब 40 मौतें होने की खबर आई है। हालांकि सरकार ने इसकी वजह की पुष्टि नहीं की है, मगर विपक्षी दलों का कहना है कि असल आंकड़ा इससे भी ज्‍यादा हो सकता है। कुछ लोगों को लाइन में लगने के दौरान दिल का दौरा पड़ा तो कुछ सदमे से चल बसे।