कांग्रेस ने भारत के नियंत्रक व महालेखापरीक्षक (कैग) राजीव महर्षि से रफाल लड़ाकू विमान सौदे की विशेष व फोरेंसिक लेखा परीक्षा कराने की मांग की है। पार्टी ने इस सौदे में कथित तौर पर हुए घोटाले के मद्देनजर एक निश्चित समयसीमा के भीतर लेखा परीक्षा कराने का आग्रह किया ताकि जनता सच्चाई जान सके और सरकार की जिम्मेदारी तय हो सके। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को कैग से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपकर उनसे गुजारिश की कि पूरे रिकार्ड की छानबीन करते हुए इसकी लेखा परीक्षा कराई जानी चाहिए। इन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार कैग के समक्ष पूरी जानकारी मुहैया कराने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने कांग्रेस नेताओं की कैग से मुलाकात के बाद कहा कि हमने कैग को बताया कि किस प्रकार से राजग सरकार ने देश को 41 हजार करोड़ रुपए का चूना लगाया। किस तरह सरकारी कंपनी से ठेका छीनकर निजी कंपनी को दिया गया। हमने सारे तथ्य कैग के समक्ष रखे। कैग ने आश्वासन दिया कि वह संविधान और कानून के मुताबिक रफाल मामलों के सभी कागज मंगाकर जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद रपट संसद के पटल पर रखी जाएगी।

सुरजेवाला ने कहा कि हमें विश्वास है कि जब कैग के समक्ष सभी फाइलें आ जाएंगी तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। 41 हजार करोड़ रुपए का घोटाला सामने आ जाएगा और रहस्य की सारी परतें खुल जाएंगी। कैग को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि यह सरकार राष्ट्रीय हित व राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने की दोषी है जो माफ करने के योग्य नहीं है। जिस तरह से यह विमान सौदा किया गया, फिर चीजों को छिपाने की कोशिश हुई और झूठ बोले गए, उससे जनता में चिंता पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने को भारी क्षति की बात बेनकाब हो चुकी है क्योंकि सरकार ने सच्चाई बताने और तथ्यों को सार्वजनिक पटल पर रखने से इनकार कर दिया है।

रफाल विमान सौदे की पूरी पृष्ठभूमि और संबंधित विवरण को कैग के समक्ष रखते हुए कांग्रेस ने कहा कि कानून के मुताबिक सरकार सारी सूचनाएं कैग को मुहैया कराने के लिए बाध्य है। संपूर्ण सौदा, इसका प्रारूप, अनुबंध का प्रकार और समान अवसर मुहैया कराने का सिद्धांत कैग के छानबीन करने व तथ्यों को रपट करने के दायरे में होना चाहिए। पार्टी ने कहा कि तथ्यों से स्पष्ट है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को दरकिनार करके करीब एक लाख, 30 हजार करोड़ रुपए का ठेका उस निजी इकाई को दिया गया जिसके पास विमान के विनिर्माण का कोई अनुभव नहीं है। इससे देश की सुरक्षा प्रणाली को खतरा पैदा हुआ है। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अहमद पटेल, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक, आनंद शर्मा, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, राजीव शुक्ला और विवेक तन्खा ने कैग से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।