प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जीएसटी के वर्तमान स्वरूप में स्वीकार नहीं करती है और कांग्रेस विरोध स्वरूप संसद के जीएसटी पर बुलाए गए संयुक्त सत्र में हिस्सा नहीं लेगी। पार्टी व्यापारियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली ट्रेडर्स कांग्रेस व्यापारियों द्वारा शुक्रवार को किए जा रहे दिल्ली बंद का समर्थन करती है तथा कांग्रेस जीएसटी के विरुद्ध व्यापारियों के विरोध प्रदर्शन में भी भाग लेगी। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी जिला स्तर पर जीएसटी के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का आयोजन करेगी।
प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में माकन ने कहा कि जीएसटी का वतर्मान स्वरूप न सिर्फ छोटे उद्यमियों तथा व्यापारियों को बर्बाद कर देगा बल्कि इसके कारण बेरोजगारी भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जीएसटी से प्रभावित होने वाले छोटे उद्यमियों तथा व्यापारियों के साथ खड़ी हैै। संवाददाता सम्मेलन में मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी, पूर्व विधायक नसीब सिंह, मुरली मनी व वरिष्ठ नेता चतर सिंह भी मौजूद थे।
माकन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी पर दोहरा रवैया अपनाया है तथा उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए यूपीए सरकार की योजनाओं का विरोध किया था और इसी प्रकार उन्होंने जीएसटी का भी विरोध किया था। यूपीए शासन के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने स्थायी समिति के सामने एक नोट लिखकर जीएसटी का पुरजोर विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि क्या इस समय शिवराज चौहान अपने उस नोट को भूल गए हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि जीएसटी के कारण उपभोक्ता मूल्य पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। क्या अब ऐसा नहीं होगा। यूपीए सरकार जीएसटी के द्वारा ‘एक देश, एक कर’ करना चाहती थी परंतु मोदी सरकार ने ‘एक देश, चार कर’ कर दिया है जो कि नाकामयाब व्यवस्था रहेगी। मोदी सरकार ने जीएसटी के अंतर्गत 5 फीसद, 12 फीसद, 18 फीसद तथा 28 फीसद के चार स्लैब बनाए है जबकि कांग्रेस की यूपीए सरकार 14 फीसद की अधिकतम लिमिट करने जा रही थी।

