भारत-चीन युद्ध के 56 साल बाद अरुणाचल प्रदेश के गांववालों को अपनी उन जमीनों का मुआवजा दिया जाने लगा है, जिन्हें सेना ने बंकर और बैरक आदि बनाने के लिए अधिगृहित किया था। रविवार को अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी खेमांग जिले में लगभग 38 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया गया। अरुणाचल के विभिन्न इलाकों में हजारों लोगों को मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजे की रकम तीन हजार करोड़ रुपए तक हो सकती है। रविवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजीजू और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को पश्चिमी खेमांग जिले में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ग्रामीणों को मुआवजे की राशि के चैक सौंपे। रिजीजू ने इस कार्यक्रम की तस्वीरें ट्वीट कीं। उन्होंने बताया कि रविवार को ग्रामीणों को कुल 37.73 करोड़ रुपए दिए गए।

यह सामुदायिक भूमि थी, इसलिए उन्हें जो रकम मिली है उसे ग्रामीणों के बीच बांटा जाएगा। जिन लोगों को मुआवजे के चेक सौंपे गए, उनमें सर्वाधिक रकम पाने वाले प्रमुख तीन लोग हैं- प्रेम दोर्जी ख्रिमे (6.31 करोड़ रुपए), फुंटसो खावा (6.21 करोड़ रुपए) और खांडू ग्लो (5.98 करोड़ रुपए)। पश्चिमी खेमांग जिले में अप्रैल 2017 में तीन गांवों के 152 परिवारों को 54 करोड़ रुपए बांटे गए थे। पिछले साल सितंबर में ग्रामीणों को 158 करोड़ रुपए की एक अन्य किश्त दी गई। यह राशि उनकी निजी जमीन के एवज में दी गई थी। उनकी जमीन का अधिग्रहण सेना ने किया था। फरवरी 2018 में तवांग जिले में 31 परिवारों को 40.80 करोड़ रुपए दिए गए। अरुणाचल प्रदेश में भूमि अधिग्रहण के लंबित मामले तवांग, पश्चिमी खेमांग, ऊपरी सुबनसिरी, दिबांग घाटी और पश्चिमी सियांग जिलों के थे।

किरण रिजीजू के मुताबिक, जमीन अधिग्रहण के मामले लंबे समय से लंबित थे। 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान सेना ने अपना बेस, बंकर, बैरक बनाने और सड़क, पुल व अन्य निर्माण कार्यों के लिए काफी मात्रा में जमीन का अधिग्रहण किया था। मुआवजा नहीं मिलने के कारण उनमें असंतोष पैदा होने लगा था। अरुणाचल में भूमि अधिग्रहण के लंबित मामले तवांग, पश्चिमी खेमांग, ऊपरी सुबनसिरी, दिबांग घाटी और पश्चिमी सियांग जिलों के थे। इस मुद्दे को लेकर पिछले साल केंद्र सरकार ने एक कमेटी गठित की थी। बीते साल जनवरी में रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे, रिजिजू, अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मुद्दे पर बैठक में मुआवजे की सिफारिश की थी।