पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सुनील मेहता का कहना है कि बैंक का खराब समय निकल चुका है और वह नीरव मोदी धोखाधड़ी मामले से उपजे संकट से छह महीने में उबर जाएगा। हाल में पीएनबी में 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक का साखपत्र घोटाला सामने आया, जिसमें अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी व उनके सहयोगी आरोपी हैं। इस मामले की जांच सीबीआइ, ईडी और आयकर विभाग समेत कई जांच एजंसियां कर रही हैं।

सुनील मेहता के अनुसार, अब सब कुछ हमारे नियंत्रण में नजर आ रहा है। अब हम सुधार की राह पर हैं। हमें उम्मीद है कि अगले छह महीने में हम संकट से उबर जाएंगे। उनका कहना है कि बैंक की वित्तीय स्थिति और साख मजबूत है। समाचार एजंसी ‘भाषा’ के अनुसार, मेहता ने बैंक की पुरानी विरासत का हवाला देते हुए कहा कि यह 123 साल पुराना संस्थान है, जिसकी स्थापना स्वदेशी आंदोलन के दौरान लाला लाजपत राय ने की थी। देश भर में इसकी सात हजार शाखाएं हैं और घरेलू बाजार में इसका कारोबार 10 लाख करोड़ से अधिक का है। इसलिए धोखाधड़ी का यह मामला हमारे ग्राहकों का भरोसा नहीं तोड़ सकता। उन्होंने कहा कि संकट के समय में भी बैंक के कारोबार ने उद्योग की तुलना में बेहतर वृद्धि की। इस दौरान बैंक का कर्ज लगभग 10 फीसद व जमाएं 6.2 फीसद की दर से बढ़ीं।

मेहता ने कहा, ‘हमारी वृद्धि दर बैंकिंग उद्योग के साथ तालमेल बनाते हुए रही। संकट में भी हमारे लिए कारोबार सामान्य रहा। माहौल में जो नकारात्मकता पैदा की गई, उसके बावजूद ग्राहकों का भरोसा नहीं टूटा और इसका पूरा श्रेय 70,000 कर्मचारियों को जाता है जो कि इस संकट के समय में बैंक के साथ खड़े रहे।’ एक सवाल के जवाब में मेहता ने बताया कि पीएनबी ने अमेरिकी कंपनी फायरस्टार डायमंड के खिलाफ दीवाला प्रक्रिया में अपनी पैरवी के लिए वकीलों की नियुक्ति की है। फायरस्टार डायमंड नीरव मोदी के समूह की ही कंपनी है। फायरस्टार डायमंड ने फरवरी में न्यूयार्क की एक अदालत में दिवालिया घोषित किए जाने के लिए याचिका दायर की है।

मेहता ने कहा, ‘अगर हमारी प्रणाली से धन गया है और एक कंपनी में लगाया गया है तो किसी भी याचिका पर फैसला किए जाने से पहले हमारी राय भी सुनी जानी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि बैंक ने मौजूदा समय की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी तरह की व्यावसायिक प्रक्रियाओं को नए सिरे से बेहतर बनाने के लिए ‘मिशन परिवर्तन’ शुरू किया है। हमने प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बढ़ाया है। विदेशी मुद्रा लेन-देन के लिए हमने अपनी आंतरिक प्रणाली को मजबूत किया है। हम प्रणाली को विदेशी मुद्रा कारोबार वाले सभी तरह के लेन-देन वाले क्षेत्रों तक पहुंचा रहे हैं। हमने स्विफ्ट को कोर बैंकिंग साल्यूशंस से जोड़ने का काम शुरू किया है। हम इस काम को 30 अप्रैल तक पूरा कर लेंगे।