दिल्ली में दिवाली के बाद प्रदूषण ने दो साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। ठंड की दस्तक, गाड़ियों व फैक्टरियों के धुएं और पटाखे जलाए जाने के कारण देश की राजधानी में दिवाली के बाद से काली धुंध के साए में हैं। बुधवार को भी दिल्ली सहित पूरे एनसीआर में स्मॉग रहा। दिवाली के दूसरे दिन की सुबह यानि 31 अक्टूबर को पार्टिकुलेट मैटर यानि पीएम 2.5 का स्तर 500 दर्ज किया गया। जबकि इसका लेवल ज़ीरो से 50 के बीच ही होना चाहिए। पीएम 2.5 में छोटे-छोटे कण होते हैं। यह गाडि़यों, लकड़ी के जलने और निर्माण सामग्री से निकलता है। इनसे सीधे फेंफड़ों को नुकसान पहुंचता है। साथ ही काली धुंध छा जाती है। दिवाली की रात करीब 10 बजे दिल्ली के आर के पुरम इलाके में प्रदूषण चरम पर था। वहां हवा में PM 2.5 की मात्रा 999 दर्ज की गई।
दिल्ली सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार दिवाली के दिन कार्बन मोनोक्साइड की रेंज 2.0-4.2 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के बीच दर्ज की गई। पिछली दिवाली पर यह आंकड़ा 1.1-4.0 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के बीच था। वहीं पीएम 10 का लेवल 448 से 939 के बीच रहा जो कि पिछले साल 296-778 था। दिल्ली की गिनती वैसी भी दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में होती है। पिछले साल भी यहां पर सर्दियों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था। इसके चलते दिल्ली सरकार ने ऑड ईवन नियम शुरू किया था लेकिन इससे कोई खास असर नहीं पड़ा। आपको बता दें कि पिछले साल दिसंबर में चीन ने बीजिंग में पीएम 2.5 का लेवल 300 के करीब जाने पर अलर्ट जारी कर दिया था। इसके तहत स्कूलों को बंद कर दिया गया और बाहरी निर्माण को भी रोक दिया गया था। साथ ही सड़कों पर गाडि़यों की संख्या भी सीमित कर दी गई थी।
इसके विपरीत दिल्ली में अभी तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है। दिल्ली सरकार की ओर से मंगलवार को कहा गया कि धूल और वायु प्रदूषण को साफ करने के लिए वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही दिल्ली सरकार के तहत आने वाली सड़कों को फव्वारों से साफ किया जाएगा। यह काम दो सप्ताह बाद शुरू किया जाएगा। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बढ़ते प्रदूषण का ठीकरा गाड़ी चलाने वालों पर फोड़ते हुए कहा कि वे इग्नीशन ऑन रखते हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है।
