दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए आम आदमी पार्टी अपना संविधान बदलने की तैयारी कर रही है। इसके जरिए केजरीवाल को कुर्सी पर बनाए रखने के लिए शनिवार को पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी। वर्तमान नियम के मुताबिक, एक ही पद पर किसी भी सदस्य को पार्टी पदाधिकारी के रूप में तीन साल के लिए लगातार दो बार से अधिक नहीं चुना जाएगा। लेकिन बैठक में आम आदमी पार्टी के संविधान में संशोधन कर केजरीवाल के कार्यकाल को आगे बढ़ाया जाएगा।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल बतौर पार्टी चीफ दूसरा कार्यकाल पूरा करने वाले हैं। अप्रैल 2019 में केजरीवाल का दूसरा तीन साल का कार्यकाल खत्म होगा। पार्टी के मुखिया केजरीवाल को अप्रैल 2016 में तीन साल के लिए चुना गया था। इसे ध्यान में रखकर पार्टी के संविधान को बदला जाएगा। बैठक में एक व्यक्ति द्वारा अधिकतम दो बार पार्टी पदाधिकारी रहने शर्तों को बदला जाएगा। पार्टी के संविधान में संशोधन के बाद यह केजरीवाल का तीसरा कार्यकाल होगा।
संविधान बदलने से संभावना है कि केजरीवाल हमेशा पार्टी के मुखिया बने रह सकते हैं। पार्टी की शनिवार को होने वाली बैठक में संविधान के अलावा 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर चर्चा होने की संभावना है। वहीं सूत्रों ने बताया कि, चुनाव के मद्देनजर ही अगले साल अप्रैल में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक होना मुश्किल है। इसके पीछ चुनावों का ही कारण बताया जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि पार्टी पदाधिकारियों के कार्यकाल को चुनावों के चलते छह महीने बढ़ाया जा सकता है।
बता दें कि, बीते दिनों आम आदमी पार्टी की किरकिरी हुई थी। दिल्ली विधानसभा में प्रस्ताव लाया गया था कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी को दिया गया भारत रत्न वापस लिया जाना चाहिये। इसके बाद विवाद काफी बढ़ गया था। जिस पर पार्टी नेता अलका लांबा का इस्तीफा भी मांगा गया। हालांकि उन्होंने इससे इंकार कर दिया था।
