UP News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अक्सर अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरे रहते हैं। वहीं एक बार फिर उन्होंने एक ऐसा बयान दे दिया है, जो सुर्खियों में है। उन्होंने कहा, “जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया उस दिन न तो शर्मा बचेंगे न वर्मा बचेंगे, न क्षत्रिय बचेंगे न, रविदास वाले बचेंगे, और न तुलसीदास वाले बचेंगे यानी कि कोई भी हिंदू नहीं बचेगा।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि इस काल में वहीं व्यक्ति सफल है, उसी की सत्ता है और वही बच सकता है जो एकजुट है। वह इतने पर ही नहीं रूके बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमानों के 72 फिरके हैं। इसमें पठान, खान, शिया, सुन्नी हैं। मगर उनके मजहब पर जब बात आती है, तो वह सिर्फ मुसलमान है। वही हमारे भारत में 9 राज्यों में हिंदुओं की घटती हुई आबादी इस बात का सूचक है कि हम हैं तो हिंदू मगर हम हिंदू हो नहीं पाए।

हमारा परिचय जाति से नहीं हिंदू से होना चाहिए- धीरेंद्र शास्त्री

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर शास्त्री ने कहा कि हिंदू विचारधारा वाले व्यक्ति के अलावा अगर किसी भी हिंदू से उसके बारे में सवाल करो तो वह या तो अपने आप को वर्मा बताता है या शर्मा बताता है या पंडित बताता है या अन्य, मगर मेरी सबसे प्रार्थना है कि हमारा परिचय कास्ट से नहीं हिंदू से होना चाहिए।

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धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर अलग-अलग महंतो ने प्रतिक्रिया दी है। साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “देखिए, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जो कहा है वह बिल्कुल सही है। संतों में दूरदृष्टि और बुद्धिमत्ता होती है। जिस तरह से चरमपंथी जिहादी हमारे देश में आतंक फैला रहे हैं और सनातन संस्कृति को मिटाने का प्रयास कर रहे हैं, यह निश्चित है कि जिस दिन तिरंगे पर चांद का चिन्ह दिखाई देगा, उस दिन कोई भी जीवित नहीं बचेगा। इसलिए, सबसे पहले यह आवश्यक है कि हम सभी एकजुट हों और जागरूक हों। उन्होंने जो कहा है वह शत प्रतिशत सही है।”

हिंदुओं को एकजुट करने के लिए कही थी बात-  महामंडलेश्वर विष्णु दास

वहीं महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर कहा, “यह समझना आवश्यक है कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने यह कथन क्यों कहा। उन्होंने यह बात हिंदुओं को एकजुट करने के लिए कही थी। आज हिंदू विभाजित हो रहे हैं, भाई-भाई के शत्रु बन रहे हैं और यहां तक ​​कि संत समुदाय में भी एकता का अभाव है। अगर हिंदू जागृत नहीं हुए, तो वे बिखर जाएंगे। हिंदू पूर्णतः नष्ट हो जाएंगे और इस्लामी शासन स्थापित हो जाएगा। जिन क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी अधिक और हिंदू आबादी कम है, वहां हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं और उनकी हत्या की जा रही है।”

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आर्य संत वरुण दास वेदांती जी महाराज ने कहा, “भारत में ऐसी स्थिति कभी उत्पन्न होने की संभावना नहीं है। अगर कभी ऐसा समय आया भी, तो हिंदू भले ही निष्क्रिय समाज हों, लेकिन सोया हुआ शेर भी जब दहाड़ता है, तो कुकर्मियों को चीर-फाड़ देता है। तिरंगे पर कभी चांद नहीं दिखाई देगा। जब चांद दिखना तय होगा, तब वह हरे रंग पर ही दिखाई देगा। तब तक तिरंगा अस्तित्वहीन हो चुका होगा, इसलिए चांद दिखने का प्रश्न ही अप्रासंगिक हो जाएगा। हालांकि, हिंदुओं को सतर्क रहना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी कोई भी घटना न उत्पन्न हो जो भारत की संप्रभुता को खतरे में डाल सके।”

चांद को भूल जाइए- संत देवेशचार्य महाराज

सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के संत देवेशचार्य महाराज ने बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “चांद को भूल जाइए। अगर उनकी संख्या में 10% की और बढ़ोतरी हुई, तो हिंदू सुरक्षित नहीं रहेंगे। आज वे 25% की मांग कर रहे हैं। कल, 30-40% की मांग पर वे बलपूर्वक उसे भी ले लेंगे। हिंदू अपने हितों के प्रति सजग नहीं हैं। ऐसे समय में, बागेश्वर धाम के प्रयास सराहनीय हैं। हिंदुओं को एकजुट होना होगा, अन्यथा हमारा भविष्य, हमारी बेटियां और हमारा धर्म जीवित नहीं रह पाएगा।”