छह घंटे की कस्टडी पैरोल पर बाहर आए गैंगस्टर नीरज बवाना को दिल्ली पुलिस की तीसरी बटालियन के 20 से अधिक पुलिसकर्मियों ने मंगलवार सुबह तिहाड़ जेल से बाहर निकाला। वह अपनी बीमार पत्नी को देखने के लिए पश्चिमी दिल्ली के शादीपुर स्थित एक अस्पताल गया था। पुलिस के अनुसार, करीब तीन वर्षों में यह पहली बार था जब बवाना एक दिन की कस्टडी पैरोल पर बाहर आया। वर्ष 2022 में उसे अपने परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए पैरोल दी गई थी। वह 2015 से जेल में बंद है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने बवाना को एक दिन की कस्टडी पैरोल दी थी

सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने बवाना को एक दिन की कस्टडी पैरोल दी थी, जबकि उसके वकील ने दो दिन की पैरोल की मांग की थी। बवाना ने अपनी पत्नी की आंखों की सर्जरी के लिए आवश्यक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने की अनुमति मांगी थी। उसने अदालत को बताया कि दोनों के परिवार उनके प्रेम विवाह के खिलाफ हैं और इसलिए रिश्तेदार कागजी कार्रवाई के लिए अस्पताल नहीं आ सकते। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रतिद्वंद्वी गिरोहों की ओर से संभावित हमले की आशंका को देखते हुए बवाना की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 37 वर्षीय बवाना लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी है, जिसके खिलाफ 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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अधिकारियों ने बताया कि बवाना मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सफेद शर्ट और नीली डेनिम में तिहाड़ जेल से बाहर आया और सीधे मेट्रो अस्पताल पहुंचा। उसे नीली रंग की पुलिस वैन में लाया गया, जिसके पीछे एक सफेद रंग का पुलिस वाहन चल रहा था। इस वाहन में हथियारबंद पुलिसकर्मी सवार थे। बवाना अस्पताल में अपनी पत्नी की देखभाल करता रहा, जबकि साथ मौजूद पुलिसकर्मी दोपहर 3 बजे तक अस्पताल में तैनात रहे। अस्पताल के बाहर एक स्वाट वाहन भी मुस्तैद था।

इस बीच, दो व्यक्तियों ने अस्पताल में भर्ती बवाना तक पहुंचने की कोशिश की, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि 36 वर्षीय प्रवीण यादव और 32 वर्षीय नितिन यादव से अस्पताल परिसर में पूछताछ की गई और बाद में उनके आपराधिक रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए उन्हें पुलिस स्टेशन भेजा गया।