मानहानि के मामले में बृहस्पतिवार को सेवरी की एक अदालत में पेशी के लिए पहुंचे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की झलक पाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। सुबह बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मेट्रोपोलेटियन अदालत के बाहर एकत्र हो गये। पुलिस ने अदालत के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर बैरीकेड लगा दिये और लोगों एवं मीडियार्किमयों को अदालत परिसर में जाने से रोक दिया। गांधी जब करीब साढ़े दस बजे एसयूवी से अदालत पहुंचे तब पार्टी कार्यकर्ता उनकी एक झलक पाने के लिए आपस में धक्का-मुक्की करने लगे।

गांधी ने अंदर जाने से पहले कुछ देर के लिए समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। पुलिस के बार बार अपील करने के बावजूद उनके समर्थक वहां से नहीं गये जिससे यातायात प्रभावित हुआ। उसी बीच वर्षा होने लगी लेकिन तब भी उत्साही भीड़ नहीं हटी और एक घंटे बाद गांधी के अदालत से जाने तक उनका इंतजार करती रही। करीब ढाई सौ कांग्रेस समर्थकों के हाथों में तख्तियां थीं और वे गांधी से पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा वापस लेने की मांग के नारे लगा रहे थे।एक समर्थक ने कहा, ‘‘ उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए। कुछ भी हो जाए लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, वह सदैव हमारे नेता बने रहेंगे।’’

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यकर्ता द्वारा दायर मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी के खिलाफ मुकदमा चलेगा क्योंकि दोनों ने बृहस्पतिवार को इस मामले में स्वयं को निर्दोष बताया है। भारी सुरक्षा के बीच, गांधी और येचुरी मझगांव-शिवड़ी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुए। दोनों को फरवरी में समन जारी किया गया था। अदालत ने गांधी और येचुरी को शिकायत पढ़कर सुनाई और पूछा कि क्या वे उन पर लगे आरोपों को स्वीकार करते हैं या खुद को निर्दोष मानते हैं। दोनों नेताओं ने स्वयं को निर्दोष बताया। अब दोनों के खिलाफ मुकदमा चलेगा। अदालत उनके, शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान दर्ज करेगी।