आज पीएम मोदी ने गुजरात के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) के लाभार्थियों से बातचीत की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम ने लोगों से बात करते हुए कहा कि कोरोना की इस महामारी में दिवाली तक गरीबों को पेट भरने के लिए जेब से एक भी रुपये नहीं निकालने पड़ेंगे।
आगे पीएम ने कहा कि इस योजना के तहत लाखों परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इसने महामारी के दौरान गरीबों की चिंताओं को कम करने में मदद की है। सरकार महामारी के दौरान नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से लगभग हर सरकार ने गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने की बात की है। इन वर्षों के दौरान सस्ते राशन योजनाओं और बजट की पहुंच बढ़ी, लेकिन प्रभाव सीमित रहा। खाद्यान्न का भंडारण बढ़ता रहा, लेकिन भुखमरी और कुपोषण उस अनुपात में कम नहीं हुआ।
पीएम के मुफ्त राशन वाले बयान पर लोगों ने उन्हें महंगाई को लेकर ट्रोल करना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर यूजर्स तेल-सिलेंडर के दाम के साथ-साथ कई मुद्दों को लेकर पीएम से सवाल पूछने लगे।
@skumar820 ने ट्वीट करते हुए लिखा- “और वो कहां जायेगा, जो गरीब की जेब से निकल ले रहे हैं। सिलेंडर का Rs. 910/- एक नजर इधर भी
@rj_krit ने ट्वीट करते हुए कहा- “चावल गेहूं से सिर्फ पेट भरता है, आज आधिकारिक मोहर मोदी जी ने लगा दिया। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री का जोरदार बयान”।
@Ramanan15025468 ने लिखा- “मुफ्त में जो चीज दी जा रही है उसके बदले डीजल ₹95 लीटर, पेट्रोल ₹110 लीटर, गैस सिलेंडर ₹950 का, सरसों का तेल 250 लीटर, यह सब चीज है जो आपसे हर तीसरे दिन लिया जा रहा है। अरबों रुपये का टैक्स जनता से लिया जा रहा है। फ्री के नाम पर भ्रष्टाचार और महंगाई”।
@imAbelwal के ट्विटर हैंडल से लिखा गया है – “सफेद झूठ, जनता को रोड पर ला दिया। महंगाई से बुरा हाल है, और हमारी जेब से ही फ्री कर रहे हैं। गजबे है।
@Sandeepkumark0 ने लिखा है- “835₹ का गैस सिलिंडर और 175₹ किलो सरसो का तेल खरीद कर खाने वाला गरीब, बस 5 किलो मोदी जी का अनाज नहीं खरीद कर खा पा रहा है”।
बता दें कि पीएमजीकेएवाइ के तहत कोरोना काल में सरकार सभी लाभर्थियों को 5 किलो अतिरिक्त राशन उपलब्ध करा रही है।
