झारखंड के झूरमों गांव में एक मरे हुए बैल को गाय समझकर कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से एक युवक की पिटाई कर दी थी। आरोप है कि कुछ लोग एक बैल को खेत में दफनाने गए थे लेकिन कुछ देर बाद डंडो लैस एक भीड़ ने उन लोगों पर हमला कर दिया जिससे एक शख्श की मौत गई थी जबकि तीन अन्य घायल लोग गए थे। इसके बाद अब पुलिस अस्पताल में भर्ती इन तीन लोगों के खिलाफ गो-हत्या अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है जबकि प्रकाश की हत्या के आरोप में भी तीन पर मुकदमा दर्ज किया।
दरअसल, दो दिन पहले बुधवार (10 अप्रैल) को गुमला जिले में गो-हत्या के शक में एक प्रकाश लाकरा नाम के शख्श की हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि उसकी हत्या तब की गई थी जब वो सांड का मांस काट रहा था। इसके बाद अब मामले में पुलिस ने तीन लोगों पर गोवध अधिनियम के मामला दर्ज किया है। बता दें कि जिनपर मामला दर्ज किया गया है वे सभी अस्पताल में भर्ती हैं। बताया जा रहा है कि जिन चार लोगो को पीटा गया था वे सभी आदिवासी ईसाई समुदाय से थे।
तीनों घायलों की पहचान पीटर फुलजेंस (50), बेलासस टिर्की (60) और जेनरिश मिंज (40) के रूप में हुई है और अब उनका इलाज रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में चल रहा है। गुमला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ रोशन खलखो ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि तीनों को गंभीर चोटें आईं हैं। उन्हें चलने में कठिनाई थी, उनके शरीर के कई हिस्सों में चोट के निशान थे जैसे किसी भारी चीज से उनपर हमला किया गया हो। डॉक्टर ने पुलिस पर अस्पताल की प्रक्रिया का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया है।
क्या हुआ था बुधवार को: बता दें कि बीते बुधवार को जयरागी गांव के पास कुछ लोग कहीं से वापस लौट रहे थे तभी रास्ते में कुछ लोग एक मरे हुए बैल का मांस काटते हुए दिखाई पड़े। इसपर उन लोगों को लगा कि ये लोग गाय को मार रहे हैं। जिसके बाद लोगों ने इन्हें पीटना शुरू कर दिया। इसके साथ ही सभी को पकड़ डुमरी थाने ले गए। लेकिन यहां एक आदमी की हालत बिगड़ गई और जबतक उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाता उसने दम तोड़ दिया।

