जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद की सकुशल बरामदगी के लिए उसकी मां ने आज (शुक्रवार को) दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अपनी याचिका में फातिमा नफीस ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि दिल्ली पुलिस और सरकार को ऐसे निर्देश दिए जाएं कि वह उनके बेटे को कोर्ट के सामने पेश करे। 27 वर्षीय नजीब अहमद 15 अक्टूबर से लापता है। वह जेएनयू के बायोटेक्नोलॉजी डिपार्टमेन्ट का स्टूडेन्ट है।

उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला अहमद एक रात पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों से परिसर में कथित झगड़े के बाद 15 अक्तूबर को लापता हो गया था। न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की पीठ के सामने इस याचिका को रखा गया है, जिसने दिल्ली सरकार और पुलिस को नोटिस जारी कर उनसे छात्र की मां फातिमा नफीस की याचिका पर अपना रूख स्पष्ट करने को कहा। पीठ ने दिल्ली पुलिस को तीन दिन के अंदर स्थिति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।

नजीब की मां ने अधिवक्ता अली कामबर जैदी के जरिये दायर अपनी याचिका में मांग की है कि अदालत दिल्ली से बाहर के सिद्ध ईमानदारी वाले निष्पक्ष अधिकारियों के एक विशेष जांच दल का गठन करे और इस मामले की जांच का जिम्मा दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा से लेकर उसके हवाले किया जाए। इससे पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह के निर्देश पर लापता छात्र का पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस के विशेष जांच दल का गठन किया गया था।

गौरतलब है कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रों और अध्यापकों ने नजीब को ढूंढ़ पाने में नाकाम होने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन और दिल्ली पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने वाइस चांसलर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को प्रशासनिक इमारत में 20 घंटे के लिए बंदी बना लिया था। इसके बाद जेएनयू छात्र सड़कों पर प्रदर्शन करने उतर आए थे। इस पर दिल्ली पुलिस ने छात्रों सहित नजीब की मां को भी अपनी हिरासत में ले लिया था।