जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने गुरुवार को कहा कि मंगलवार को त्राल के वनक्षेत्र में हुई मुठभेड़ में मारे गए चार आतंकवादियों में से एक जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का कमांडर था। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस.पी.वेद ने कहा, “त्राल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शुरू की गई संयुक्त कार्रवाई में मारे गए आतंकवादियों में जेईएम का ऑपरेशनल कमांडर मुफ्ती यासीर भी था।” गौरतलब है कि आठ घंटे चली मुठभेड़ में जेईएम के चार आतंकवादी, एक जवान और राज्य पुलिस का एक हवलदार भी मारा गया। डीजीपी ने मारे गए आतंकवादी की तस्वीर ट्विटर पर अपलोड की, जिसमें वह जेईएम के संस्थापक मसूद अजहर के साथ खड़ा है। यह तस्वीर मीडिया ने कुछ सालों पहले पाकिस्तान में ली थी।
Operational commander of JeM Mufti Yasir was among those killed in joint operation in upper reaches of Tral. pic.twitter.com/gusTlTLOtN
— Shesh Paul Vaid (@spvaid) April 26, 2018
अजहर को 1999 में जम्मू जिले की कोटबलवाल जेल से रिहा कर अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया था, जहां उसे इंडियन एयरलाइन्स की उड़ान संख्या आईसी814 के बंधक बनाए गए 158 यात्रियों के बदले छोड़ दिया गया था। मुठभेड़ में मारे गए दो अन्य आतंकवादियों में शेख उमर और मुस्ताक अहमद जरगर भी थे। उन्हें भी यात्रियों को बंधक बनाए जाने के बदले छोड़ दिया गया था।
गौरतलब है कि इससे पहले भी एएनआई ने अपनी रिपोर्ट जारी कर कहा था कि पुलवामा जिले के लेट पोरा इलाके में 50 राष्ट्रीय राइफल्स व राज्य पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक आतंकी मार गिराया गया। तब भी कश्मीर के आईजी एसपी पाणि ने बताया था कि मारा गया आतंकी जैश का ऑपरेशनल कमांडर था। वह सुंजवा हमले के अलावा कई अन्य आतंकी हमलों का भी मास्टरमाइंड था। उसके पास से हथियार व आईईडी की तैयारी का मटीरियल बरामद किया गया है। वह विदेशी आतंकी था।
कश्मीर के कई इलाकों में पुलिस, सेना और अर्द्धसैनिक बलों की आतंकवादियों से रोज मुठभेड़ हो रही है। रविवार (4 मार्च को शोपियां जिले के पहनू गांव में सेना के मोबाइल व्हीकल चेकपोस्ट पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। इसके बाद हुई मुठभेड़ में चार लोगों के मरने की पुष्टि की गई, जबकि सोमवार सुबह दो और शव बरामद किए गए। सुरक्षा बलों का कहना है कि मारे गए लोग आतंकवादी या ओवर ग्राउंड वर्कर्स थे, जबकि अलगाववादी नेताओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि इनमें से चार स्थानीय नागरिक थे।

