बेशक कोरोना की वैक्सीन भारत ने खुद से इजाद कर ली है और मामले भी पहले की तुलना में घटने लगे हैं, लेकिन MUMBAI की मेयर ने सावधान किया है कि जिस तरह से लोग बर्ताव कर रहे हैं, उसमें मुंबई फिर से लॉकडाउन की तरफ बढ़ सकती है।

BMC की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि अब लॉकडाउन का लगना या न लगना लोगों के हाथ में है। उनका कहना था कि देखने में आ रहा है कि लोग कोरोना गाइ़डलाइंस का पालन नहीं कर रहे हैं। ट्रेन में सफर करते समय लोग मास्क भी नहीं लगा रहे हैं। लोग अगर सावधानी नहीं बरतेंगे तो लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि लोगों को कोरोना को लेकर बेपरवाह नहीं होना चाहिए। जिस तरह से वायरस नए-नए रूप ले रहा है, उसमें एहतियात ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। ब्रिटेन में मिला नया स्ट्रेन 90 से ज्यादा देशों में अपनी पहुंच बना चुका है। वैक्सीन कोरोना से निपटने में मददगार है, लेकिन उनका कहना है कि जिस तरह से वायरस तेजी से बदलाव कर रहा है, उसमें खतरा बढ़ सकता है। अगर बदलाव जारी रहे तो वैक्सीन भी बेअसर साबित हो सकती है।

गौरतलब है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 9,121 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1,09,25,710 हो गई है जबकि इस महीने कई बार महामारी से एक दिन में सौ से कम लोगों की मौत हुई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। भारत में अब तक कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम के तहत 87,20,822 लोगों को टीका लगाया गया है।

देश में कोरोना के एक्टिव मामले 1,36,872 पर पहुंच गए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की कुल संख्या 1,09,16,589 है। 81 और रोगियों की मौत के बाद मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 1,55,813 हो गई है। आंकड़ों के अनुसार 1,06,33,025 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं, जिसके बाद कोविड-19 से उबरने की राष्ट्रीय दर 97.31 प्रतिशत हो गई है, जबकि मृत्युदर 1.43 प्रतिशत है। कोविड-19 के उपचाराधीन रोगियों की संख्या 1.5 लाख से कम है।