महाराष्ट्र के रायगढ़ में बुधवार (तीन अगस्त) को जो पुल ढहा, वह जर्जर हो चुका था। पुल अंग्रेजों के जमाने का था। उस जगह एक नया पुल भी बनाया जा चुका है। इसके बावजूद वनवे ट्रैफिक के लिए पुराने पुल का इस्तेमाल किया जाता रहा। लगातार बारिश और एक साथ दो बसों के आ जाने से पुल ढह गया। महाबलेश्वर के इलाके में कई दिनों से भारी बारिश हुई। इस वजह से सावित्री नदी (जिसके ऊपर यह पुल था) में बाढ़ आई हुई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के मुताबिक पुल ढहने का शुरुआती कारण यही माना जा रहा है कि बाढ़ के चलते बना दबाव पुल सह नहीं पाया।
बचाव कार्य में लगे लोग: लोगों को बचाने के लिए नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स (NDRF) मौके पर पहुंच चुकी है। इसके अलावा कोस्ट गॉर्ड का एक हेलिकॉप्टर सुबह 8 बजे से वहां बहे लोगों को ढूंढने में लगा हुआ है। पुराने पुल के गिरने के बाद नए पुल को कुछ देर के लिए बंद कर दिया गया था। लेकिन ट्रेफिक की आवाजाही को फिर से शुरू करने के लिए 9 बजे उसे खोल दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी मामले की जानकारी मिल गई है। उन्होंने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
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घटना से जुड़ा कुछ वीडियो नीचे देखें:

