मध्य प्रदेश के एक जिले की ग्राम पंचायत ने अजीबोगरीब फरमान जारी किया है कि वह अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों के परिवार का सामाजिक बहिष्कार करेगा।

रतलाम की इस ग्राम पंचायत में पिछले छह माह में कई जोड़ों ने भाग कर और अंतर-जातीय विवाह किया है, इस बात को लेकर ग्राम पंचायत में भारी नाराजगी है।

किस ग्राम पंचायत का है मामला?

यह मामला रतलाम जिले के पिपलोदा तहसील के पंचेवा गांव का है। यहां ग्राम पंचायत ने भागकर और अंतरजातीय विवाह के बढ़ रहे मुद्दे को लेकर एक पंचायत (मीटिंग) की। इस पंचायत में ग्रामीणों ने फैसला लिया की कि अगर किसी परिवार के बेटे या बेटी ने ऐसा कार्य किया तो वह उनका विरोध किया। इस मीटिंग के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो यह मामला सार्वजनिक हुआ।

क्यों लिया गया ये फैसला?

गांववालों ने दावा किया कि पिछले छह माह में एक दर्जन करीब जोड़ों ने परिवार की सहमति के बिना विवाह किया है। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ महिलाओं ने पुलिस थानों और मजिस्ट्रेट के सामने अपने माता-पिता की पहचान बताने से इनकार करने के बाद तनाव और बढ़ गया। इसके बाद गांव के बढ़े-बुजुर्गों ने पंचायत सदस्यों और गांव वालों की एक मीटिंग बुलाई, जिसमें भागकर शादी करने वाले जोड़ों के परिवार के खिलाफ कई सामाजिक और आर्थिक बैन की घोषणा की गई।

वीडियो हुआ वायरल

बैठक के वीडियो में एक ग्रामीण की रजिस्टर पकड़े हुए और गांववालों के सर्वसम्मत फैसले को पढ़ते हुए देखा गया। जिसमें वह यह घोषणा कर रहा था, “यह फैसला पंचेवा गांवों के रहवासियों ने लिया है कि जो भी लड़का या लड़की भागकर शादी करेगा, तो उस पर वह उसके परिवार पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे। आगे कहा कि ऐसे परिवारों को गांववालों की तरफ से खाने-पीने की चीजें व अन्य सामान नहीं दिया जाएगा, न ही किसी सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में न्योता दिया जाएगा। साथ ही गांव में उन्हें कोई भी काम भी नहीं दिया जाएगा।”

आगे यह भी घोषणा किया गया, ऐसे लोगों के घर पुजारी, नाई और अन्य लोग भी नहीं जाएंगे। साथ ही आगे लोगों को आगाह किया गया, “इनके घर अगर कोई दंपति जाएगा, या मदद करेगा या आश्रय देगा या उस विवाह में गवाह बनता है या किसी अन्य तरह से सपोर्ट करता तो उसका भी सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।”

प्रशासन पहुंची गांव

वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने अधिकारियों ने सरपंच की मौजूदगी में पंचेवा गांव का दौरा किया और लोगों से बात की। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शालिनी श्रीवास्तव ने जावरा के उप-मंडल मजिस्ट्रेट को भी इस मामले की जांच करने की निर्देश दिया है।

अधिकारियों ने कहा कि वीडियो और इस मामले की जांच की जा रही है, जिनके तहत यह फैसले लिए गये हैं। इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए रतलाम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार ने कहा, “ग्रामीणों द्वारा जारी किए गए वीडियो हमारे संज्ञान में आए हैं। संबंधित पुलिस अधिकारियों को मामले की जांच करने और शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन को ग्रामीणों से बात करने के लिए ग्रामसभा में भेजा गया है।” आगे पढ़िए मध्य प्रदेश में सांप्रदायिक झड़प, दुकानें तोड़ीं, बस में आग लगाई