मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में सड़कों पर गो माता नहीं दिखाई देनी चाहिए। उनके लिए प्रदेश में जल्द से जल्द गौशाला बनावाई जाए, जहां गो माता सुरक्षित रहें। गौरतलब है कि गोकशी को लेकर कड़े कानून और गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा के बाद ये सामने आया है कि बड़ी तादात में आवारा पशु सड़कों पर आ रहे हैं। इसके साथ ही किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचता है।

छिंदवाड़ा पहुंचे कमलनाथ: सीएम बनने के बाद पहली बार कमलनाथ अपने गृह जिले छिंदवाड़ा पहुंचे। यहां सीएम ने रविवार को एक रोड शो किया और जन आभार रैली को संबोधित किया। इसके साथ ही सोमवार को सीएम ने संभागीय अफसरों के साथ बैठक की। इस बैठक के दौरान कमलनाथ ने अफसरों को निर्देश दिए और कहा कि हर जिले में गौशाला का निर्माण जल्द से जल्द होना चाहिए। इसके साथ ही कमलनाथ ने ये भी कहा कि ये कांग्रेस के वचन पत्र का मामला नहीं है बल्कि ये मेरी भावना है। गौशाला के निर्माण के साथ ही गोमाता भी सड़क पर नहीं नजर आनी चाहिए।

वचन पत्र में किया था जिक्र: बता दें कि कांग्रेस ने प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए अपना वचन पत्र जारी करते हुए कहा था कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने पर वो हर ग्राम पंचायत में गौशाला खोलेंगे और इसके संचालन के लिए अनुदान भी देंगे। गौरतलब है कि प्रदेश में गोवध बैन है जिसके वजह से गोवंश की तादात काफी हो चुकी है।

सड़कों पर पशुओं से होता है दोहरा नुकसान: गौरतलब है कि सड़क पर आवारा छोड़ गए पशुओं से दोहरा नुकसान होता है। एक तरफ जहां शहरी इलाकों में ट्रैफिक बाधित होता है तो वहीं दूसरी ओर ये हादसों का भी कारण बनता है। जिसमें कई बार लोग घायल हो जाते हैं तो कई बार जानवर भी। वहीं इसके अलावा आवारा गोवंश किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। कमलनाथ के निर्देश के बाद गोवंशो के गोशालाओं में रहने से इन समस्याओं से भी निजात मिलेगी।