मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने अगले साल मार्च तक 1000 मोहल्ला क्लीनिक खोलने का लक्ष्य बनाया है ताकि सभी दिल्लीवालों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दी जा सकें। मुख्यमंत्री ने बेघर लोगों के लिए दिल्ली का पहला मोहल्ला क्लीनिक शुक्रवार को खोला। दांडी पार्क और सरायकाले खां आइएसबीटी के रैनबसेरा परिसरों में दो मोहल्ला क्लीनिकों का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने एक बचाव दल को भी हरी झंडी दिखाई। यह बचाव दल बेघर लोगों को ठंड से बचाकर रैन बसेरों तक लाएगा। इनके अलावा 50 बिस्तरों वाला एक रिकवरी शेल्टर भी खोला गया। इस मौके पर केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 1000 मोहल्ला क्लीनिक खोलने से जुड़ी फाइल उपराज्यपाल को फिर भेजी गई है और आशा है कि इसे दस दिन में मंजूरी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल ने 1000 मोहल्ला क्लीनिकों से जुड़ी फाइल रोक दी थी जिसके कारण सरकार इस साल के अंत तक इन सभी को नहीं खोल पाई।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि अगले साल 31 मार्च तक 1000 मोहल्ला क्लीनिक बनाए जा सकेंगे। इन क्लीनिकों का मकसद दिल्ली की जनता को गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा देना है। उन्होंने कहा कि दो मोहल्ला क्लीनिकों का उद्घाटन किया गया है जो बेघरों को स्वास्थ्य सेवा का अधिकार देंगे। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के अधीन दिल्ली में 197 रैन बसेरे हैं, जिनमें करीब 16264 लोग रह सकते हैं। दांडी पार्क में पांच रैन बसेरे हैं जिनकी क्षमता 750 लोगों क ो ठहराने की है। सरायकाले खां मे पांच रैन बसेरों की क्षमता करीब 600 लोगों की है। इन दोनों जगहों पर लोगों को राहत देने के लिए मोहल्ला क्लीनिक खोले गए। केजरीवाल ने कहा कि इनके अलावा 62 अस्थायी रैन बसेरे तंबुओं मे शुरू किए जाएंगे। एम्स व पंजाबी बाग के सबवे को भी ठंड में रैन बसेरों की तरह इस्तेमाल किया जाएगा।
कोशिश है कि जाड़े में रैन बसेरों की कुल क्षमता बढ़ा कर 21000 तक पहुंचाई जाए, ताकि लोगों को ठंड की मार से बचाया जा सके। सरकार ने 18 राहत दल भी बनाए हैं। ये दल रोजाना रात दस बजे से सुबह चार बजे तक काम करेंगे और रात को ठंड में खुले में सो रहे बेघरों को रैन बसेरों में ले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बार है जब गरीब लोगों को आप सरकार की ओर से सम्मानित जीवन दिया जा रहा है। इससे पहले, जिस भी राजनीतिक दल ने सरकार बनाई, वह चुनाव जीतने के बाद जनता को भूल जाता था। उन्होंने दावा किया कि आप सरकार गरीबों का खयाल रख रही है।
50 बिस्तरों वाले रिकवरी शेल्टर का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि इस शेल्टर में ऐसे बेघर लोगों को रखा जाएगा जो बीमार हैं और जिनको अस्पताल से तो छुट्टी दे दी गई, लेकिन उनको अभी भी देखभाल की जरूरत है। इनको रहने-खाने व ओढ़ने-बिछाने के अलावा लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल की मदद से चिकित्सकीय सेवाएं भी दी जाएंगी। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य मंत्रालय व आश्रय बोर्ड के अधिकारी सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।

