बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड इलाके में एक वॉटर टैंकर चलाने वाला एक लड़का इस समय चर्चा का विषय बन चुका है। 25 साल के जी बालकृष्ण ने हाल ही में मिस्टर एशिया 2016 का खिताब जीता है, जिसके बाद से उसे “आर्नोल्ड श्वार्झनेगर ऑफ व्हाइटफील्ड” कहा जाने लगा है। बालकृष्ण को मिस्टर एशिया 2016 का खिताब फिलीपींस में हुई पांचवी फिल-एशिया बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में दिया गया।
हालांकि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बालकृष्ण करीब एक दशक से कड़ी मेहनत कर रहे थे। अंग्रेजी अखबार द हिंदू के मुताबिक, उन्होंने कम उम्र में ही अपने पिता को खो दिया था, जो परिवार की आय की अकेले स्त्रोत थे। बालकृष्ण मशहूर बॉडीबिल्डर और एक्टर आर्नोल्ड के बहुत बड़े फैन हैं। उन्होंने कहा, “मैं अपनी उपलब्धियों से काफी खुश हूं और अभी इससे भी आगे जाना चाहता हूं। इसे मैं अपनी मां और भाई को समपर्ति करता हूं, जिन्होंने हर पल मेरा साथ दिया।”
नहीं मिलता सरकार का सहयोग:
बालकृष्ण ने बताया कि चैपियनशिप जीतने के बाद भी मुझे पैसों की दिक्कत होती है। सरकार की ओर से कोई सहयोग ना मिलने के कारण विदेशों में होने वाली प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। 2013 में बालकृष्ण ने जर्मनी में हुए मिस्टर यूनिवर्स अंडर-24 जूनियर प्रतियोगिता को जीता था, वहीं 2014 में उन्होंने ग्रीस में हुई मिस्टर यूनिवर्स अंडर-24 वर्ल्ड चैंपियनशिप को भी जीता था।
हर दिन करते हैं 6 घंटे कसरत:
बालकृष्ण ने अपनी एक्सरसाइज दिनचर्या के बारे में बताते हुए कहा कि वह हर दिन करीब 6 घंटे तक कसरत करते हैं। हालांकि इसके लिए वह किसी जिम में नहीं जाते, बल्कि पूर्व मिस्टर यूनिवर्स रहे मुंबई के संग्राम चौग्ला और पंजाब के मनीष कुमार उन्हें घर पर ही ट्रेन करते हैं।
Read also: नहीं रहे कतर के पूर्व अमीर ख़लीफ़ा बिन हमद, बेटे ने ही तख्तापलट कर छीना था ताज
ये है उनकी डाइट:
आमतौर पर 120 किग्रा वजन रखने वाले बालकृष्ण प्रतियोगिता के दौरान 30 किग्रा. तक वजन कम कर लेते हैं। अपनी डाइट के बारे में उन्होंने बताया, “मैं हर रोज 750 ग्राम चिकन, 25 अंडे, 300 ग्राम चावल, 200 ग्राम वेजिटेबल के साथ अतिरिक्त प्रोटीन के लिए मछली और फल लेता हूं।”
