कर्नाटक में एक-दो दिन के भीतर मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा कि कुछ मंत्रियों को हटाने और कुछ नए चेहरे शामिल करने के लिए उन्हें कांग्रेस आलाकमान से हरी झंडी मिल गई है। कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद सिद्धरमैया ने यहां संवाददाताओं को बताया कि हमने सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ उन सभी नामों पर चर्चा की जिन्हें हटाया जाना और शामिल किया जाना है। हमने उन्हें राजी कर लिया है। हाई कमान ने फेरबदल करने के लिए मुझे अधिकृत किया है।
उन्होंने कहा- एक-दो दिन में सूची तैयार कर ली जाएगी और इसे राज्यपाल को सौंप दिया जाएगा। इससे पहले सिद्धरमैया ने इस मामले पर लोकसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से चर्चा की थी। सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कम से कम 10-14 मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाने और युवा विधायकों व वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को शामिल करने का प्रस्ताव किया है जिससे जाति और क्षेत्रीय कारकों का संतुलन बनाया जा सके। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जी परमेश्वर और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह इस बैठक में मौजूद थे।
2014 में कर्नाटक में कांग्रेस मामलों के प्रभारी रहे गुलाम नबी आजाद बाद में इस बैठक में शामिल हुए। हाल ही में चार राज्यों विशेषकर असम में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद सरकार को दुरुस्त करने के लिए यह कवायद की जा रही है। केरल और असम में सत्ता से बाहर होने के बाद जिन छह राज्यों में कांग्रेस सत्ता में है उनमें कर्नाटक सबसे बड़ा राज्य है, जहां 225 विधानसभा सीटें हैं। कर्नाटक में 2018 में चुनाव होने हैं।
