Vikas Dubey killed in encounter: कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी विकास दुबे मुठभेड़ में मारा गया है। विकास को कल ही एमपी के उज्जैन में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद यूपी एसटीएफ उसे रिमांड पर लेकर यूपी आ रही थी। बीच रास्ते में एसटीएफ की गाड़ी पलट गई, जिसमें विकास दुबे सवार था। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद विकास दुबे ने भागने की कोशिश की। लेकिन मुठभेड़ में एसटीएफ ने उसे मार गिराया। दुबे की मौत की पुष्टि पुलिस ने की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसटीएफ़ की गाड़ी पलटने के बाद विकास ने हथियार छीकर भागने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस ने उसे मुठभेड़ में मार गिराया। कानपुर पश्चिम से एसपी अनिल कुमार ने कहा “विकास दुबे को जब लाया जा रहा था तब गाड़ी पलट गई, इसमें जो पुलिसकर्मी घायल हुए उसने उनका पिस्टल छीनने की कोशिश की। पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर कर आत्मसमर्पण कराने की कोशिश की जिसमें उसने जवाबी फायरिंग की। आत्मरक्षा में पुलिस ने फायरिंग की।”
माना जा रहा है कि तेज बारिश और गाड़ी की रफ्तार तेज होने की वजह से गाड़ी पलट गई थी। यह हादसा कानपुर से करीब दो किलोमीटर पहले भौती में हुआ है। IG कानपुर रेंज ने बताया कि मुठभेड़ में 2 इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायल सिपाहियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं विकास दुबे को दो से तीन गोलियां लगने की बात सामने आ रही है। इस बात की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कानपुर एडीजी का कहना है कि गाड़ी पलटने का फायदा उठाकर विकास दुबे ने पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। जिसमें हुई मुठभेड़ में अपराधी विकास दुबे घायल हुआ जिसे अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। विकास दुबे की एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं। सबसे पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस पर तंज कसा है। उनका कहना है कि ‘ दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गयी है।
