मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों “घंटा” शब्द को लेकर जबरदस्त सियासी घमासान मचा हुआ है। जब से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक पत्रकार के सवाल के जवाब में “घंटा” शब्द का इस्तेमाल किया, कांग्रेस मोहन सरकार पर हमलावर हो गई है। अब इसी विवाद के बीच एक सरकारी आदेश में भी “घंटा” शब्द का जिक्र होने पर मामला और गरमा गया है। नतीजतन, एसडीएम आनंद मालवीय को सस्पेंड कर दिया गया है।
उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने इस संबंध में निलंबन का आदेश जारी किया है। दरअसल, कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश के देवास में कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर एसडीएम आनंद मालवीय ने एक आदेश जारी किया था। इस आदेश में कांग्रेस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई थी। हालांकि, इसी आदेश में उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की विवादित “घंटा” टिप्पणी का भी जिक्र कर दिया।
प्रशासनिक हलकों का मानना है कि सरकारी आदेशों में इस तरह की भाषा या शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इसी को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताई और जमकर बवाल मचा। आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, आदेश का एक हिस्सा ऐसा भी था, जिसमें कांग्रेस के ज्ञापन की भाषा लगभग शब्दशः कॉपी कर दी गई थी। इस पर भी गंभीर आपत्ति उठाई गई।
जब यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो प्रशासन हरकत में आया और एसडीएम आनंद मालवीय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। प्रशासन की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकारी दस्तावेजों में किसी भी तरह की आपत्तिजनक या गैर-प्रशासनिक भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल देवास को नया एसडीएम मिल गया है। अभिषेक शर्मा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि प्रशासनिक भाषा और प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से इंदौर की भागीरथपुरा कॉलोनी में दूषित पानी को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है। कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं और कुछ की मौत भी हो चुकी है। इस मामले को लेकर मोहन सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहले ही मुश्किलों में हैं। ऊपर से उनके कुछ बयानों ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है, जिससे राज्य सरकार भी लगातार आलोचनाओं के घेरे में आ गई है।
