झारखंड के भाजपाई मुख्यमंत्री रघुवर दास भले ही राज्य में विकास के दावे करते हों और झारखंड मोमेंटम का आयोजन कर बड़े-बड़े निवेश की बात दोहराते हों मगर उनके शासन में गरीब इलाज के अभाव में तड़प कर मरने को मजबूर हैं। राजधानी रांची में राज्य के सबसे बड़े अस्पताल राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में रविवार को एक साल के बच्चे (श्याम) की मौत इसलिए हो जाती है क्योंकि उसके पिता के पास पचास रुपये कम थे। इस वजह से बच्चे का सीटी स्कैन नहीं हो सका और समय पर इलाज ना हो पाने के कारण बच्चे ने दम तोड़ दिया। मृत बच्चे के पिता संतोष कुमार के मुताबिक उसके पास मात्र 1300 रुपये थे लेकिन सीटी स्कैन के लिए 1350 रुपये चाहिए थे।

संतोष रांची के ही जगन्नाथपुर के मौसीबाड़ी का रहने वाला है और रिक्शा चलाता है। उसका एक साल का बेटा खेलते-खेलते छत से गिर गया, इससे उसके सिर में गंभीर चोट आ गई। उसने स्थानीय स्तर पर इलाज कराया लेकिन जब सुधार नहीं हुआ तो रिम्स पहुंचा। यहां शिशु विभाग के डॉक्टरों ने उसे सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। इसके बाद आनन-फानन में वह सीटी स्कैन कराने के लिए पर्ची कटाने कैश काउंटर पर पहुंचा मगर उसके पास मात्र 1300 रुपये ही थे। पचास रुपये कम होने की वजह से उसकी पर्ची नहीं कटी और ना ही श्याम का सीटी स्कैन हुआ। नतीजतन बच्चे की मौत हो गई।

जब इस बावत पत्रकारों ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र राजवंशी ने सवाल पूछा तो उन्होंने उल्टे पत्रकारों को नसीहत दे डाली कि आपलोग ही चंदा कर पचास रुपये जमा कर लेते और उसका सीटी स्कैन करवा देते। बता दें कि रविवार को गुमला सदर अस्पताल में भी लापरवाही का ऐसा ही मामला प्रकाश में आया। वहां जानकी देवी नाम की गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था लेकिन अस्पताल ने ऑपरेशन ना कर उसे रिम्स रेफर कर दिया। ऊपर से कागजी कार्रवाई करने में अस्पताल ने तीन घंटे लगा दिए। इससे मरीज की तबियत और बिगड़ गई और जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई।

तीन दिन पहले ही गुमला में एक और बच्चे की मौत मां की गोद में ही हो गई थी जब अस्पताल ने उसे रिम्स रेफर कर दिया था लेकिन रांची जाने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे। लाचार महिला थककर बच्चे को गोद में लेकर पैदल ही गांव जाने लगी, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। गुमला में ही टाइफायड से आठ साल के बच्चे की मौत हो जाने के बाद उसे एम्बुलेंस नहीं दिया गया। इसके बाद उसके परिजन लाश को कंधे पर लाद कर ले गए।