झारखंड के पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय महाशिवरात्रि के मौके पर कथित रूप से गले में सांप लपेटने के कारण वन विभाग के शिकंजे में आ गए। स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार झारखंड के प्रधान वन संरक्षक ने डीजीपी डीके पांडेय के खिलाफ नोटिस जारी कर उनसे इस बारे में जवाब मांगा है। डीजीपी को गुरुवार (15 फरवरी) को नोटिस दिया गया। कहा जा रहा है कि शिवरात्रि के मौके पर डीजीपी डीके पांडेय भगवा वेश-भूषा में थे और उन्होंने जिंदा सांप गले में डालकर तस्वीर खिंचाई थी, जो कि वायरल हो गई। इसके बाद प्रधान वन संरक्षक (पीसीसीएफ) वन्यजीव ने उनसे जवाब मांगा है। मीडिया में इस खबर के आने के बाद कार्रवाई करते हुए पीसीसीएफ-वन्यजीव लाल रत्नाकर सिंह ने वन विभाग के अधिकारियों से मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए कहा है। वन्य अधिकारियों ने कहा कि सांप रखना वन्य कानून के खिलाफ है और इसके उल्लंघन पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है।
वरिष्ठ वन्य अधिकारियों ने मीडिया से कहा कि उन्होंने डीजीपी से इस मामले में जवाब मांगा है। स्थानीय अखबारों में प्रकाशित खबर के मुताबिक डीजीपी गले में एक जिंदा सांप डाले तस्वीर में दिखते हैं। झारखंड में ही पिछले दिनों इसी तरह के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। मीडिया से बात करते हुए वन्य अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने इसकी रिपोर्ट मंगाई है। पिछले दिनों भी कई कारणों को लेकर झारखंड की डीजीपी विवादों में रह चुके हैं। विपक्षी पार्टियों ने हाल ही में बजट सत्र में विधानसभा में डीजीपी डीके पांडेय को हटाने लिए आवाज उठाई थी। विपक्षी नेताओं का कहना था कि 2015 के बकोरियो के फर्जी गोलीबारी कांड में डीजीपी डीके पांडेय का हाथ था, इस कांड में 11 माओवादी मारे गए थे।
डीजीपी डीके पांडेय के गले में सांप डालने का पता लगने पर वन विभाग की टीम इटखेरी पहुंची थी, जहां जांच के बाद इस बात की पुष्टि हुई। स्थानीय मीडिया के अनुसार एक सपेरा 13 फरवरी को सांप लेकर इटखोरी पहुंचा था। वन विभाग की टीम ने सपेरे को भी खोजने की कोशिश की, लेकिन वह उसके हाथ नहीं लगा। डीजीपी ने किस जगह सांप को गले में डाला था, इसकी भी जानकारी नहीं मिली है।
