माकपा के विधायक मोहम्मद यूसुफ तारीगामी ने मंगलवार को कहा है कि केंद्र सरकार को कश्मीर घाटी में और अधिक सैनिक भेजने के बजाए चिकित्सक और दवाईयां भेजनी चाहिए। घाटी में हिंसा की घटनाओं के कारण 24 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 350 लोग घायल हैं।
कुलगाम के विधायक तारीगामी ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है, ‘‘विदेश यात्रा से लौटकर प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से शांति की जो अपील की है वह स्वागतयोग्य है लेकिन घाटी में और ज्यादा सैनिक भेजने के बजाए अगर बर्बर हिंसा के शिकार लोगों के लिए चिकित्सक और दवाईयां भेज देते तो ज्यादा बेहतर होता।’’
उन्होंने कहा कि कश्मीरी जनता ने बहुत बड़ी मानवीय त्रासदी का सामना किया है और अब ‘‘निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बर्बर बल प्रयोग को रोकने के उपाय और मानवीय तौर तरीकों की जरूरत है।’’
तारीगामी ने कहा कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का जांच का आश्वासन भी पीड़ितों के जख्मों को नहीं भर सकता। उन्होंने कहा, ‘‘वे कम से कम इतना तो कर ही सकती हैं कि पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगा दे क्योंकि इसकी वजह से कई लोगों की आंखों की रौशनी चली गई है।’’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घाटी के हालात के मद्देनजर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी और उसके बाद जम्मू-कश्मीर की जनता से शांति बनाए रखने की अपील की थी।
हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत के बाद घाटी में हिंसक प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया जिसमें 24 लोगों की मौत हो गई और सुरक्षा बलों के 115 जवानों समेत कुल 350 लोग घायल हो गए।
