काम के सिलसिले में विदेश गई भारतीय महिला के साथ दरिंदगी का एक और मामला सामने आया है। तेलंगाना की एक महिला नौकरी के लिए सऊदी अरब गई थी। महिला के साथ वहां मार-पिटाई और यौन उत्पीड़न किया गया। समाचार एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक महिला ने रूह कंपा देने वाली आपबीती बयां की है। पीड़िता को भारत के विदेश मंत्रालय की मदद से गुरुवार (25 जनवरी) को भारत वापस लाया गया था। महिला की बेटी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, भारतीय दूतावास और हैदराबाद पुलिस को मां के वापस आने पर धन्यवाद कहा है। वहीं पीड़िता ने बताया कि किन हालातों से बचकर वह वापस आ पाई। महिला ने कहा- ”मुझे पीटा जाता था और मेरा यौन उत्पीड़न किया जाता था। मुझे खाने को भोजन नहीं दिया जाता था। मैंने आत्महत्या तक करने की कोशिश की। मेरे बच्चों ने मुझे बताया कि वे मुझे वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं और मुझे उम्मीद नहीं छोड़ने के लिए कहा। फिर भारतीय दूतावास से मुझे फोन आया और आज मैं यहां हूं।”
I was thrashed and sexually assaulted. I was not given food to eat. I even tried committing suicide. My children told me they are trying to bring me back and asked me not to lose hope. I then received a call from Indian Embassy & today I am here: Woman pic.twitter.com/2LuLHcNi4R
— ANI (@ANI) January 27, 2018
Telangana: Hyderabad woman who had gone to Saudi Arabia for a job & thrashed & sexually assaulted there, returned to India on 25th January. Her daughter says, I thank Sushma Swaraj Ma’am, Indian Embassy and Hyderabad police for bringing back my mother’. pic.twitter.com/2NMLwn7r6c
— ANI (@ANI) January 27, 2018
बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने विदेश गए या वहां बस चुके भारतीयों की मदद की हो। सुषमा स्वराज ट्विटर के जरिए काफी सक्रिय रहती हैं और अक्सर लोगों की मदद करती देखी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने कुआलालंपुर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर अचानक बेटे की मौत की वजह से फंसी एक महिला की मदद की थी। ट्विटर पर जानकारी मिलने के बाद सुषमा ने महिला के बेटे के शव को भारत लाने में मदद की थी। महिला बेटे के साथ ऑस्ट्रेलिया से भारत आ रही थी, लेकिन कुआलालंपुर के हवाईअड्डे पर अचानक बेटे की मौत हो गई थी। सुषमा ने कुआलालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग के जरिये महिला की मदद की और शव को सरकारी खर्चे पर भारत लाया गया था।
